जसराना/खैरगढ़। सुहागनगरी में डाई अमोनिया फॉस्फेट (डीएपी) की किल्लत बरकरार है। डीएम से लेकर तमाम अधिकारियों की भागदौड़ के बाद भी दिवाली बाद एक बार फिर से मंगलवार को साधन सहकारी समितियों पर डीएपी के लिए कतार देखी गई। कहीं समितियों पर सन्नाटा पसरा रहा, तो कहीं इतनी भीड़ पहुंच गई कि पुलिस बुलानी पड़ी। वहीं तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों ने भी मौके पर जाकर डीएपी का वितरण कराया। मंगलवार की सुबह से ही साधन सहकारी समिति सलेमपुर जसराना, जसराना खास, पारौली के साथ अन्य समितियों पर भी किसान पहुंच गए। सुबह से ही सैकड़ों किसान डीएपी लेने पहुंच गए। जैसे ही समिति के सचिव एवं कर्मचारी पहुंचे डीएपी लेने के लिए मारामारी होने लगी। भीड़ को देख सचिवों ने पूरे मामले से अधिकारियों को अवगत कराया। समितियों पर भीड़ होने की सूचना मिलने पर तहसील के अधिकारी और पुलिसकर्मी पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी में डीएपी का वितरण कराया गया। वहीं साधन सहकारी समिति पर महिला किसान भी डीएपी लेने पहुंची।
पलिया से गीता, गुड़्डी, गंगाश्री, नगला उदी से द्रोणा देवी, गीता, नगला बरी से रुप श्री, बिठ्ठन श्री, धुंआपुर से प्रीती, बजनी से सिया देवी, नगला गंगे से नेमा देवी डीएपी लेने पहुंची। डीएपी नहीं मिलने पर वहीं जमीन पर बैठकर आपस में चर्चा करने लगीं। किसानों ने कहा डीएपी नहीं मिलने फसल बोने में परेशानी हो रही है। खैरगढ़ के साधन सहकारी समिति नंदपुर हाथवंत पर भारी भीड़ होने के कारण किसानों में रोष पनप गया। किसान रामसेवक का कहना था कि डीएपी के लिए किसानों को अलग से व्यवस्था करनी चाहिए है, लेकिन किसानों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।