प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा रविवार को टूंडला के रामलीला मैदान में छह दिवसीय द्वादश ज्योर्तिलिंगम मेले का शुभारंभ किया। मेले में 12 ज्योर्तिलिंगों के दर्शनों के अलावा गोकुल गांव की मनोहरी छटा के दर्शन कराए गए। कार्यक्रम से पूर्व बैंडबाजों व रथ के साथ सुभाष चौराहे से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
कलश यात्रा का शुभारंभ तहसीलदार रामअवतार और चेयरमैन प्रतिनिधि भंवर सिंह ठेकेदार ने हरी पताका दिखाकर किया। कलश यात्रा फीरोजाबाद रोड जय कौशल्या टाकीज से प्रारंभ हुई। जो सुभाष चौराहा होते हुए रामलीला मैदान पर आकर समाप्त हुई। जहां मुख्य अतिथि राजयोगिनी शीलू बहन द्वारा फीता काटकर शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि शिव में ही संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्तियां समाहित हैं। मेले में सुप्रसिद्ध 12 ज्योर्तिलिंगों के दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत हो गए। मेले में भगवान शिव, लक्ष्मी-नारायण्ण, नौ देवियों के अलावा भगवान शिव के सेवारथ की झांकी के दर्शन कराए गए। गोकुल गांव की मनोहारी छटा देखकर श्रद्धालु ब्रज की रज में खो गए। इस दौरान पालिकाध्यक्षा रामवती चौधरी ने कहा कि नगर में इतना भव्य कार्यक्रम पहली बार हो रहा है। इस मौके पर राजयोगिनी विमला बहन, राजयोगिनी सत्त्या बहन, जयगोपाल लूथरा, राजकुमारी, माला, कविता मिश्रा, मधु, नंदकिशोर, ऋिषी, विनय, राजू, सूरज, कन्हैया, मदन, धर्मेंद्र, सोबरन सिंह, लक्ष्मण, विकास, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
50 फीट ऊंचे शिवलिंग ने मोहा मन
टूंडला ब्यूूरो। रामलीला मैदान में 50 फीट ऊंचे शिवलिंग को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। इतने ऊंचे आकर्षक शिवलिंग को देख लोग अभिभूत हो गए।
फोटो-टूंडला में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा नगर में निकाली गई कलश यात्र्त्रा दृश्य। कार्यक्रम में बोलती प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की राजयोगिनी शीलू बहन व कार्यक्रम में मौजूद श्र्श्रद्धालु। आकर्षक का केन्द्र बनी 50 फीट ऊंची शिवलिंग