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दाऊदयाल कॉलेज के गेट पर सात छात्राएं हुई बेहोश, अस्पताल में भर्ती

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फिरोजाबाद। दाऊदयाल इंटर कॉलेज में देरी से पहुंची छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया। काफी देर तक छात्राएं धूप में खड़ी रही। जब गेट नहीं खोला तो चक्कर खाकर सात छात्राएं कॉलेज के गेट पर बेहोश होकर गिर पड़ी। आनन-फानन में छात्राओं को एंबुलेंस से सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। उपचार के लिए भर्ती किया गया। घटना के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्राओं ने हंगामा किया।
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जिला विद्यालय निरीक्षक और भाजपा नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर छात्राओं की समस्या सुनीं।
बृहस्पतिवार को छात्राएं दाऊदयाल इंटर कॉलेज में रोजाना की तरह सुबह 10.10 बजे पहुंची। स्कूल स्टाफ ने छात्राओं को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया। छात्राएं गेट के बाहर स्टाफ से गेट खोलने के लिए गुहार लगाती रहीं लेकिन किसी ने एक नहीं सुनीं। करीब एक घंटे तक धूप में खड़े रहने के कारण छात्राओं की हालत बिगड़ गई। इसमें कक्षा 11वीं की छात्रा अंजू, मंजू, जैसिका कुमारी, अनुराधा, कुमारी जानवी और कक्षा 12वीं की छात्रा चंचल और नेहा कुमारी बेहोश होकर स्कूल गेट के बाहर जमीन पर गिर पड़ी। छात्राओं की हालत बिगड़ता देखकर हड़कंप मच गया। सचूना पर एबीवीपी कार्यकर्ता कॉलेज जा पहुंचे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं एवं अन्य कॉलेज की छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने एंबुलेंस को फोन कर बुलाया। छात्राओं को बेहोशी की हालत में सरकारी ट्रॉमा सेंटर लाया गया। सूचना पाकर उनके अभिभावक भी अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। मामला बढ़ता देखकर डीआईओएस बालमुकुंद प्रसाद ने भी सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर छात्राओं की हालत जानी और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद डीआईओएस मामले की जांच के लिए दाऊदयाल इंटर कॉलेज पहुंचे। मेयर नूतन राठौर, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश शंखवार सहित अन्य नेताओं ने भी अस्पताल में पहुंचकर छात्राओं का हालचाल जाना। छात्राओं ने आरोप लगाया कि विद्यालय मैनेजमेंट के कुछ लोग आए थे, इसलिए स्कूल में उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।
स्कूल का कोई स्टाफ नहीं पहुंचा, आक्रोश
फिरोजाबाद। अभिभावक और छात्राओं में इस बात का भी आक्रोश था कि सात छात्राओं की हालत खराब हो गई। वह अस्पताल में भर्ती थी। इसके बाद भी कॉलेज का कोई भी स्टाफ छात्राओं का हालचाल जानने के लिए अस्पताल में नहीं पहुंचा।
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पेयजल का नहीं इंतजाम, एबीवीपी ने की मदद
फिरोजाबाद। बीमार हुई छात्राओं के साथ कई छात्राएं भी अस्पताल में पहुंच गई। अस्पताल में पेयजल का इंतजाम नहीं था। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मदद की।
अभिभावक रोते नजर आए
छात्राओं की हालत बिगड़ने पर अभिभावक रोते हुए नजर आए। अभिभावक ने कहा कि बच्चे दूर से आते हैं। सड़क बन रही है, इसलिए देरी हो गई। लेकिन बच्ची को ऐसी सजा दी जाएंगी कि जान जोखिम में पड़ जाए। कई अभिभावकों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश नजर आया।
-छात्राएं 10:30 बजे तक नहीं आई तो गेट बंद कर दिया। सूचना मिली कि 15 से 20 छात्राएं एकत्रित हो गई है तो गेट खुलवाने के लिए भेजा। उसमें एक छात्रा ने अपने भाई को बुला लिया। भाई ने छात्राओं से कह दिया कि अंदर न जाओ। मैं गेट पर गई तो छात्राएं ठीक थीं। एक युवक ने कह दिया कि गिरो। वैसे ही छात्राएं मेरी आंखों देखी गिरने लगीं।
अंजुमा रियाज, प्रधानाचार्य
दाऊदयाल इंटर कॉलेज छात्राओं की तबियत खराब होने की जानकारी मिली थी। स्वयं सरकारी ट्रॉमा सेंटर गया और छात्राओं और उनके अभिभावकों से बातचीत की। दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।
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बालमुकुंद प्रसाद, डीआईओएस
छात्राओं को स्ट्रोक की समस्या थी। अस्पताल आई तो बीपी भी कम था। तत्काल उपचार दिया गया। यह समस्या धूप में ज्यादा देर होने के कारण हुई है।
डॉ. मोहम्मद शाहिद, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर
सरकारी ट्रॉमा सेंटर
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