फिरोजाबाद। सैक्टोरियल गाइड लाइन तैयार कराने में हो रही देरी से फिरोजाबाद के कांच उद्यमी परेशान हैं। इकाई संचालन से जुड़ी पूरी तैयारी करने बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे उद्यमियों में इस मुद्दे पर रोष की स्थिति है। वहीं एक इकाई ने अब उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई अगले माह जुलाई में होगी।
शहर की कांच व अन्य श्रेणी के इकाईयों को गैस कोटा जारी कराने,क्षमता विस्तार एवं घनी आबादी से शिफ्ट होने जैसे कई मामले नीरी द्वारा सैक्टोरियल गाइड लाइन तैयार करने में हो रही देरी की वजह से अधर में लटके हैं। औद्योगिक गतिविधियां शुरू कराने को पूरी तैयारी कर चुकी ऐसी करीब 56 इकाईयां हैं। जो कि सैक्टोरियल गाइड लाइन के में हो रही देरी की वजह से उत्पादन प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहीं। लगातार हो रही देरी से कांच उद्यमी परेशान हैं।
टीटीजेड कमेटी और अन्य जिम्मेदार विभागों की लचर कार्य प्रणाली के चलते शहर की एक कांच इकाई ने सैक्टोरियल गाइड लाइन के लिये अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। याची के अधिवक्ता आरएस शर्मा एडवोकेट के अनुुसार याचिका पर अगले माह जुलाई सुनवाई होगी। वहीं सहायक प्रबंधक उद्योग संदीप कुमार के मुताबिक सैक्टोरियल गाइड लाइन के संबंध में उद्यमियों का पक्ष पूरी मुस्तैदी के साथ टीटीजेड कमेटी और नीरी के समक्ष रखा जा चुका है। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसकी जानकारी नहीं है।