छात्रवृत्ति देने से पहले 12 बिंदुओं पर कालेज में होगी जांच
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फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने तैयार किया है रुख
छात्रवृत्ति योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने नया रुख अख्तियार कर लिया है। शासन छात्रवृत्ति देने से पहले अब अधिकारियों से 12 बिंदुओं पर जांच कराएगा। अधिकारियों की निगाहें अब स्कूल के भवन एवं क्लासो पर रहेगी। साथ ही स्कूल में कार्यरत शिक्षकों की संख्या पर भी नजर रहेगी। संदेह के घेरे में जो स्कूल आएंगे, उनकी जांच फिर जिला स्तरीय टीम करेगी।
दशमोत्तर कक्षा की छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक कर दी गई है। ऐसे में छात्रवृत्ति के लिए आवेदकों की जांच कराने के लिए अलग-अलग टीम निर्धारित की जाएगी। इसमें आवेदन करने वाले छात्रों के आवेदन कार्ड देखे जाएंगे। देखा जाएगा कि स्कूल में जनरल और एससी वर्ग के छात्र कितने हैं और कितने उपस्थित हैं। सबसे ज्यादा मुख्य बात रहेगी कि पंजीकरण छात्र संख्या में सापेक्ष स्कूल में कमरे है या फिर नहीं। उनके अनुरूप स्कूल स्टाफ है या फिर नहीं। 12 बिंदुओं के फार्म में प्रत्येक बिंदु को भरना अधिकारियों के लिए अनिवार्य रहेगा। अगर जांच सख्ती से हुई तो प्राइवेट डिग्री कालेजों की पोल खुलेगी। जहां शिक्षकों और छात्रों की संख्या के बारे में हर कोई जानता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
छात्रवृत्ति में फर्जीवाडा रोकने के लिए कमेटी का गठन होगा। 12 बिंदुओं पर जांच होगी। आधार कार्ड देखे जाएंगे। प्रत्येक कालेज की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। छात्र संख्या को भी देखा जाएगा।
डॉ प्रज्ञाशंकर तिवारी
समाजकल्याण अधिकारी