फिरोजाबाद। 14 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ की स्थानीय इकाई ने सोमवार को निगम गेट पर धरना दिया। मांगों के समर्थन में कर्मचारी संघ ने बीते शनिवार को एक मांग पत्र भी दिया था। हालांकि नगर आयुक्त के आश्वासन पर सफाई कर्मियों ने कामबंद हड़ताल को टाल दिया।
सोमवार को उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के तत्वावधान में आयोजित कामबंद हड़ताल हुई। हड़ताल में शामिल संघ के
पदाधिकारी व अन्य कर्मचारी कामकाज छोड़ कर निगम गेट पर धरना देकर बैठ गए। जिला अध्यक्ष जालिम सिंह वाल्मीकि एवं महामंत्री अशोक वाल्मीकि ने कहा कि इस कलिकाल में सफाई कर्मचारी के अथक परिश्रम द्वारा ही संपूर्ण देश की गंदगी को साफ करते हुए सभी को स्वच्छता प्रदान की जाती है। लेकिन सफाई कर्मचारी उपेक्षा एवं शोषण का शिकार हैं। लेकिन हितों व मांगों को लेकर निगम प्रशासन गंभीर नहीं है। इस तरह की दोहरी नीति को कतई सहन नहीं किया जाएगा। कामबंद हडताल व धरना प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मियों ने सफाई कार्य के लिए वाहनों को बाहर नहीं निकलने दिया। कामबंद हड़ताल के दौरान सफाई कर्मचारियों ने कार्य अवधि का समय सुबह छह बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित करने एवं ठेका प्रणाली को समाप्त करने पर जोर दिया। वहीं कर्मचारियों को शासनादेश अनुसार दैनिक मजदूरी 427.87 रुपये मई माह से प्रदान किए जाने की मांग भी की। हालांकि सफाई कर्मियों द्वारा हड़ताल की सूचना पर नगर आयुक्त ऋषिराज मौके पर पहुंचे। नगर आयुक्त ने सफाई कर्मचारी संघ की लंबित मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने व यथा संभव मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया। जिस पर हड़ताली कर्मचारी मान गए। जिलाध्यक्ष जालिम सिंह अशोक वाल्मीकि,राम नाथ आजाद,योगेश सरन व अमित वाल्मीकि आदि मौके पर मौजूद रहे।