दरों में 1.40 रुपये प्रति घनमीटर की बढ़ोतरी के साथ थमाए बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कांच इकाइयों पर ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाली नेचुरल गैस की दरों में करीब एक रूपये, 40 पैसे प्रति घनमीटर की बढ़ोतरी हो गई है। इसका असर कांच आइटम की लागत पर पड़ रहा है। कांच उद्यमियों के अनुसार गैस की दरों में बढ़ोतरी से पुराने आर्डरों की पूर्ति में आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
जनवरी प्रथम पखवाड़े के गैस बिल शनिवार को जारी हो गए। एक से 15 जनवरी तक गैस की दरों में लगभग 1.40 रुपये प्रति घनमीटर की बढ़ोतरी की गई है। बीते दिसंबर में नेचुरल गैस की कीमत 34.30 रुपये प्रति घनमीटर थी। जनवरी माह में बढ़कर 35.70 पैसे प्रति घनमीटर हो गई। वहीं गैस की दरों में बढ़ोतरी के बाद निर्यात योग्य कांच हस्तशिल्प आइटमों और परंपरागत कांच उत्पादों की लागत पर असर पडेगा। कारखानेदार हेमंत अग्रवाल चॉयस ने कहा कि गैस की दरों के बढ़ने का असर तो कांच उत्पादन की लागत बढ़ेगी, इससे पुराने आर्डर पूरे करने में दिक्कत आएगी। कांच निर्यातक मुकेश बंसल टोनी के अनुसार गैस की दरों में मामूली वृद्धि हुई है। लेकिन मामूली मार्जिन वाले कांच आइटमों के आर्डर पूरा कराने में आर्थिक बोझ जरूर बढ़ेगा।