वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन करोड़ों रुपये का बजट ठिकाने लगाया गया। अधिकारी और एकाउंटेंट को बिल बनाने और हस्ताक्षर करने से फुरसत नहीं मिली। ट्रेजरी और बैंकों में भी अधिकारी देररात तक बिलों के आने का इंतजार करते रहे। सरकारी वसूली की धनराशि जमा कराई गई। कई विभागों में बजट आया तो हाथों-हाथ भुगतान किया गया। बैंक अफसर भी नई नियमावली में उलझे नजर आए।
कलक्ट्रेट में धनराशि किस मद में अधिक आई उसे सरेंडर करने और कई विभागों पर लक्ष्य के सापेक्ष वसूली के आंकड़े कराए गए। आबकारी, नगर निकाय, तहसीलों एवं मनोरंजन कर, स्टांप, वाणिज्य कर, परिवहन आदि विभागों से भी आंकड़े मांगे गए। विकास भवन में अधिकारी और कर्मचारी बजट आने की उम्मीद लगाए बैठे रहे। समाज कल्याण अधिकारी डा. प्रज्ञा शंकर तिवारी ने बताया वृद्धावस्था पेंशन की अंतिम किश्त आ गई। समाजवादी पेंशन की किश्त शाम सात बजे तक ही नहीं आई थी। विकलांग व विधवा पेंशन धारकों की अंतिम किश्त के आने की सूचना नेट पर देर शाम तक अधिकारी खंगालते रहे। मनरेगा में रोजगार सेवकों और स्टाफ को वेतन मिलने के संकेत शासन से मिले तो उनके बिल तैयार कराए गए। निर्वाचन कार्यालय में सभी तहसीलों में बीएलओ का काम संभालने वालों को भुगतान के बिल तैयार किए गए और करोड़ों रुपये बैंक एकाउंट में भेजे गए। आबकारी विभाग, पूर्ति विभाग में बजट संबंधी काम को निपटाया गया। एडीएम उदय सिंह कार्यालय में ही बैठकर काम निपटाने में जुटे नजर आए। इधर, वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय में गुरुवार देररात तक काम होने के साथ शुक्रवार को पूरी टीम काम में जुटी दिखी। कोषाधिकारी पुष्पराज व अनिल कुमार के साथ अन्य स्टाफ भुगतान संबंधी कार्रवाई ही करता दिखाई दिया। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने कहा कि रात्रि 12 बजे तक काम चलेगा।
समय से ऑडिट कराने वाली पंचायतों को मिला और बजट
पंचायतीराज विभाग ने महीनों से रुका पड़ा सफाई कर्मियों के रुके वेतन 75 लाख का भुगतान कर दिया गया। सफाई करने वाले कर्मचारियों में बोनस और एरियर के भुगतान में मनमानी की शिकायत हुई थी तो विभाग ने कई कर्मचारियों को भुगतान देने के स्थान पर आठ लाख रुपये सरेंडर कर दिए गए। हालांकि 2014-15 के खर्च की ऑडिट कराने वाली जिले के 569 पंचायतों में से 401 को चतुर्थ वित्त आयोग ने 198.25 लाख और क्षेत्र पंचायतों को 38.84 लाख रुपया आवंटित किया। डीपीआरओ यतेंद्र सिंह यादव ने कहा कि बजट आते ही रिलीज कर दिया गया।
आंगनबाड़ी भवन को मिले 1.20 करोड़
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को 60 आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए 1.20 करोड़ बजट आवंटित हुआ। बजट कार्यदायी संस्था को जारी कर दिया गया। पुष्टाहार वितरण के लिए पंजीरी मिली लेकिन हॉट कुक्ड का बजट फरवरी से अभी तक नहीं मिला। प्रभारी डीपीओ खलील उल्ला ने बताया कि फरवरी के बाद से हॉटकुक्ड का पैसा नहीं मिला। ऐसे में योजना सुचारु नहीं चल सकी।
शिक्षकों के वेतन को मिले 20 करोड़
बेसिक शिक्षा विभाग को गुरुवार देर शाम 20 करोड़ रुपये आवंटित किया गया। रातोंरात विभाग ने बिलों को तैयार कर दिए और रात को सभी शिक्षकों को एकाउंट में वेतन पहुंचा दिया। ट्रेजरी में काफी देर रात तक काम होता रहा।