अधिकांश बूथों पर बीएलओ नहीं उपस्थित मिले पदाभिहित अधिकारी
लेखपालों की हड़ताल के कारण जांच में लगाए गए प्रशिक्षु लेखपाल
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विधानसभा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर कर्मचारियों की हड़ताल भारी पड़ी। अधिकांश बूथ बीएलओ विहीन रहे। पदाभिहित अधिकारी अवश्य मौजूद रहे। हालांकि पब्लिक ने भी रुचि नहीं रखी। डीएम राजेश प्रकाश के साथ सेक्टर अधिकारी एवं प्रशिक्षु लेखपाल अवश्य बूथों पर डाटा जुटाने में लगे रहे। बूथों की फोटो खींचकर तहसीलों में जमा कराए गए।
समय 12.05 बजे स्थान: श्री रामानंद गर्ग इंटर कालेज, बोधाश्रम
चार बूथ 311 से 314 तक, कोई बीएलओ नहीं आया। अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकत्री थीं। पदभिहित अधिकारी दिलीप कुमार जैन ने अपने स्थान पर जितेंद्र और कुंवरपाल को भेजा। यहां प्रशिक्षु लेखपाल अशोक कुमार व प्रेमदत्त मौजूद रहे। सूची की जांच करने कोई नहीं पहुंचा।
समय-12.15 बजे स्थान: सरोजनी नायडू स्कूल बोधाश्रम रोड
पदभिहित अधिकारी के रूप में पीडी जैन कालेज के क्लर्क मनोज कुमार मौजूद रहे। बीएलओ यहां नहीं आए। स्कूल के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी बलवीर सिंह ने कहा बीएलओ को घर देखने गए लेकिन कोई नहीं था। इस कालेज में पांच बूथ 315 से 319 तक हैं।
समय-12.25 बजे स्थान डीएवी इंटर कालेज फीरोजाबाद।
पदभिहित अधिकारी सुरेशचंद्र गौतम और भाग संख्या 16 के बीएलओ निवेशचंद्र शर्मा मौजूद रहे। पांडेय गुट के जिलाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कहा कि टीम का सहयोग करने आए हैं। बीएलओ तो आठ हैं लेकिन कोई नहीं आया।
मतदाता सूची में खामियां ही खामियां
बूथों पर बीएलओ एवं मतदाता कम पहुंचे लेकिन पदाभिहित अधिकारियों ने सूचियों को जांचा तो खामियां निकलीं। बूथ संख्या 32 के क्रमांक 519 पर वकील पुत्र श्याम लाल की आयु 117 वर्ष लिखी थी। बूथ संख्या 36 में क्रमांक संख्या एक से 62 तक मकान संख्या एक ही दर्ज की गई थी। क्रमांक संख्या 27 से 63 तक मकान संख्या अंकित नहीं थी। क्रमांक संख्या 78 से 125 तक मकान संख्या 49 ही डाली गई।
खुला रहा निर्वाचन कार्यालय, गांव-गांव दौड़े अधिकारी
भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची सघन पुनरीक्षण अभियान के 15 सितंबर से शुरू होने के कारण जिला निर्वाचन कार्यालय सुबह से देर शाम तक खुला रहा। एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी उदय सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी रेनू अग्रवाल, राजेंद्र सिंह, नरसिंह के साथ अन्य स्टाफ मौजूद रहा। सेक्टर ऑफिसर बनाए गए अधिकारी अवकाश के दिन गांव गांव दौड़ते दिखाई दिए।