फिरोजाबाद। ठंड बढ़ते ही सर्दी-खांसी के साथ मेडिकल कॉलेज में दिल व सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। पहले की अपेक्षा दो गुना मरीज हो गए हैं। चिकित्सकों ने हृदय व सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 600 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया। लगातार गिरते पारे से सांस व दिल की बीमारियों के मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मौसम में दिल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार के अनुसार सर्दी के मौसम में सांस व हृदय रोग की परेशानी वाले मरीजों की संख्या दो गुनी हो गई है। पहले औसतन 30 से 40 मरीज आते थे, अब 60 से 70 अधिक आने लगे हैं।
डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि ठंड में नसें सिकुड़ने लगती हैं। सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है, क्योंकि ठंड में सांस की नली सिकुड़ने से सांस लेने में दिक्कत पैदा होती है।
ये हैं लक्षण
-एक तरफ के हाथ-पैर काम न करना।
-सांस लेने में परेशानी होना।
-बोलने में लड़खड़ाहट, सिर में तेज दर्द।
-शरीर के एक तरफ के हिस्से में कमजोरी आना।
-आधे चेहरे या एक तरफ के हाथ-पैर में कमजोरी आना।
ये बरतें सावधानी
-सिर हाथ-पैर अच्छी तरह से ढककर ही बाहर निकलें।
-हार्ट और बीपी के मरीज सुबह घर क से बाहर न निकलें।
-नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक कराते रहें।
वर्जन
-सर्दी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में कार्यरत फिजिशियन सभी मरीजों का उपचार कर रहे हैं। अधिकांश मरीज उपचार से स्वस्थ भी हो रहे हैं, सिर्फ गंभीर दशा में ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है
-डॉ. नवीन जैन, सीएमएस