शिकोहाबाद। नारायण महाविद्यालय में ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन दिल्ली के सहयोग से श्रोल ऑफ मल्टीडिसीप्लिनरी स्टडीज इन इनवायररमेंटल प्रोटेक्शन विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें जापान से आए वैज्ञानिक प्रो. रनदीप रखवाल ने पर्यावरणीय संदर्भ में रेडिएशन से चावल की खेती पर प्रभाव पर विचार व्यक्त किए।
प्रो. रखवाल ने कहा कि रेडियोएक्टिव तत्वों के रेडिएशन से चावल का डीएनए प्रभावित हो जाता है, जिससे मनुष्य का डीएनए भी प्रभावित हो रहा है। यह विस्तृत निष्कर्ष जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम के प्रभाव के अध्ययन के बाद पाया गया। उन्होंने अपने शोध पत्र में विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में भी प्रकाश डाला। शोध पत्र पढ़ते हुए डॉ. वीके सारस्वत ने गैस विछिन्नीकरण में नैनो संरचना झिल्ली की उपयोगिता पर चर्चा की।
हाड्रोजन गैस के भविष्य के ईंधन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इसके पूर्व शोध संगोष्ठी का उद्घाटन नारायण महाविद्यालय की प्रबंध समिति के सदस्यों एसके टंडन, डॉ. एलसी मेहरा, डॉ. वीके चतुर्वेदी, डॉ. राम मनोहर अग्रवाल, एसके बैजल, अवधेश कुमार पाठक, डॉ. जेके अवस्थी और प्राचार्य डॉ. प्रताप सिंह ने सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य संयोजक डॉ. पीके सारस्वत ने स्वागत भाषण दिया। महाविद्यालय के अध्यापकों एमएलसी डॉ. दिलीप यादव, डॉ. महेश चौधरी, डॉ. आरके त्रिपाठी, डॉ. कुलदीप सक्सेना, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. आरके सिंह, डॉ. अनुपमा चतुर्वेदी, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. शिवनंदन सिंह, राजकुमार चौहान आदि ने मुख्य वक्ता डॉ. रनदीप रखवाल, डॉ. वीके सारस्वत और प्रबंध समिति के सदस्यों का स्वागत किया। सदस्यों ने स्मारिका का विमोचन भी किया। डॉ. दिलीप यादव की विधायक निधि से कॉलेज में लगे 10 किलोवाट के सोलरपैनल का उद्घाटन व पट्टिका का अनावरण भी किया गया। संचालन ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन की संयोजिका डॉ. कीर्ति अग्रवाल ने किया।