फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट से इमरजेंसी ले जाते समय युवती की मौत के मामले में जांच खोल दी गई है। प्राचार्य डॉ. योगेश गोयल ने पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस यूनिट का संचालन कर रही डीसीडीसी हेल्थ सर्विस प्राइवेट लिमटेड, नई दिल्ली से एक कार्यदिवस में विस्तृत आख्या तलब की है। रिपोर्ट डीएम और शासन को भेजी जाएगी।
प्राचार्य ने कंपनी से वर्ष 2018 से संचालित डायलिसिस यूनिट में तैनात नेफ्रोलॉजिस्ट, चिकित्सा अधिकारियों और डायलिसिस तकनीशियनों की संख्या, नाम और उपस्थिति का विवरण मांगा है। इसके अलावा मृतक कीर्ति का पूरा चिकित्सीय रिकॉर्ड, वह पहले कितनी बार डायलिसिस के लिए यूनिट में आई थी और घटना वाले दिन डायलिसिस शुरू होने से पहले उसका स्वास्थ्य परीक्षण किस चिकित्सक ने किया, इसका भी ब्योरा मांगा गया है।
पत्र में यह भी पूछा गया है कि जब कीर्ति को डायलिसिस यूनिट में लाया गया, उस समय उसकी चिकित्सीय स्थिति क्या थी और समयवार (टाइम लाइन) उपचार की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। गंभीर मरीजों के उपचार और उन्हें रेफर करने के लिए डायलिसिस यूनिट में लागू मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की प्रति भी मांगी गई है।
प्राचार्य ने डायलिसिस यूनिट में कार्यरत तकनीशियनों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर भी तलब किया है। साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार प्रत्येक तीन मरीजों पर एक तकनीशियन और एक नर्स की तैनाती की व्यवस्था का पालन किया जा रहा था या नहीं। सीएमएस डा. नवीन जैन को जांच सौंपी है।
बीते सोमवार को डायलिसिस के बाद हालत बिगड़ने पर 20 वर्षीय कीर्ति को इमरजेंसी ले जाते समय एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप लगा था। परिजन और अस्पताल कर्मी उसे स्ट्रेचर से इमरजेंसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।