नगर निगम द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान 200 निर्माण कार्यों के टेंडर उठाए गए थे लेकिन टेंडर की निर्धारित समय सीमा निकलने के बाद भी अधिकांश निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद कुछ ठेकेदारों ने निर्माण कार्य पूर्ण भी किए लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। नगर निगम अफसर एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों के कार्यों में मानकों को ताक पर रखकर कार्य कराए दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा करीब 125 कार्यों की जांच कराई जा रही है।
डीएम विजय किरन आनंद सोमवार को सुबह नौ नगर निगम पहुंचे। डीएम ने आरईएस एवं नगर निगम के अफसरों के साथ निर्माण कार्यों की जांच सुहागनगर मंशाराम की ठार से प्रारंभ की। यहां नगर निगम द्वारा पार्क का निर्माण एवं बगल में एक इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण कार्य कराया गया। डीएम ने सड़क की इंटरलॉकिंग उखड़वाकर कार्य गुणवत्ता परखी। इसके बाद नगला मोती प्राथमिक विद्यालय में इंटरलाकिंग सड़क, ढोलपुरा में दो स्थानों पर बनी इंटरलाकिंग सड़क की पूरी पैमाइश कराकर, इंटरलाकिंग ईंट की भी गुणवत्ता देखी। यहां निर्माण कार्य काफी हद तक ठीक मिले, लेकिन कुछ कार्यों में लंबाई, चौड़ाई कम मिलने पर आंकलन के बाद ठेकेदारों को दी जाने वाली धनराशि से कटौती करने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद डीम ने रहना नई आबादी रहना, मथुरा नगर में हाकिम सिंह वाली गली, हिमायूंपुर एवं नगर निगम द्वारा बनाए गए एक पंपहाउस का निर्माण कार्य देखा, जिसमें कोई कार्य मानक के अनुरूप नहीं मिला। गुणवत्ताविहीन कार्य मिलने पर डीएम ने नगर निगम अफसरों को कड़ी लताड़ लगाई।
डीएम ने आरईएस के एक्सईएन एवं सहायक अभियंता को सभी निर्माण कार्यों का आंकलन कर ठेकेदारों के खिलाफ नोटिस जारी करने एवं नियमानुसार कटौती करने के निर्देश दिए हैं। नगर अभियंता रमाशंकर राम ने बताया कि सम्मन सिंह यादव,रामकिशन यादव, हरिओम यादव, शैलेन्द्र यादव, सुनीता देवी, उमाशंकर यादव व महेश गोला सहित आठ ठेकेदारों के निर्माण कार्यों की जांच हुई है, जिसमें कई ठेकेदारों के खिलाफ नोटिस जारी करने एवं कटौती के निर्देश दिए गए हैं।
हापुड़ से बुलाए गए जेई
नगर निगम में तैनात रहे पूर्व अवर अभियंता पीएस निरंजन को जिला प्रशासन से 70 से अधिक निर्माण कार्यों की जांच के लिए हापुड़ से तलब किया है। डीएम द्वारा की गई जांच के दौरान उक्त जेई से संबधित कई कार्यों की जांच की गई।