जलेसर रोड स्थित राशन की दुकान पर कतार में बैठीं महिलाएं।
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फिरोजाबाद। लॉकडाउन के दौरान राशन की दुकानों पर तो तड़के पांच बजे से कार्डधारक कतार में खड़े दिखाई दिए। वहीं जिले में अभी तक एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राशन बांटा जा चुका है। कई दिहाड़ी मजदूरों पर पंजीयन कार्ड होने पर भी पैसा लेकर राशन दिया। जिला प्रशासन एवं पूर्ति विभाग राशन सामग्री वितरण करने की व्यवस्था को सुधारने का लाख प्रयास करें लेकिन राशन डीलर अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। राशन की दुकान खोलने का समय प्रशासन की ओर से भले सुबह छह बजे से रात को नौ बजे तक का हो, दुकानदार तो दोपहर ढाई से तीन बजे तक दुकानों को बंद करके घरों को चले गए। किसी ने सर्वर डाउन की बात कहकर लौटा दिया तो किसी ने कहा कि अब नेट काम नहीं कर रहा है।
हाल ये था कि कोटला रोड पर मशीन दूसरे दिन चालू हुई तो भी लंबी कतार लगी दिखाई दी। मुरलीनगर निवासी राकेश कुमार का कहना है कि उसके पास श्रम विभाग का पंजीयन कार्ड है इसके बावजूद राशन विक्रेता सतीशचंद्र शर्मा ने दो बार लौटा दिया। वहीं तीसरी बार पैसा लेने के बाद राशन दिया। रसूलपुर स्थित राशन की दुकान पर सैनिटाइजर के साथ सामाजिक दूरी का पालन होता दिखाई नहीं दिया। करबला में स्थित राशन की दुकान पर इसी तरह का आलम दिखाई दिया। छोटी छपैटी स्थित राशन की दुकान पर तड़के पांच बजे से उपभोक्ताओं की कतार लगी दिखाई दी।