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रमजान माह में सब्जी की भांति शाम को फल, खजूर वालों को दी जाए कुछ घंटे के लिए छूट

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रमजान की तैयारी करती मुस्लिम महिला - फोटो : TUNDLA
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फिरोजाबाद। रमजान का पवित्र माह शुरू होने के साथ अब रोजेदारों को रोजा खोलने के दौरान प्रयोग होने वाले खजूर व फलों की आपूर्ति की चिंता सताने लगी है। कई लोगों का कहना है कि रमजान माह में शाम के वक्त प्रशासन यदि फल वालों को एक-दो घंटे की छूट दे दे तो इस समस्या का हल हो जाएगा। रमजान माह की शुरूआत 25 या फिर 26 अप्रैल से होगी। हर किसी को रमजान का चांद को दिखने का इंतजार है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के साथ घरों में रमजान की तैयारी शुरू हो गई हैं। प्रशासन की ओर से रमजान माह को ध्यान में रखते हुए ही होम डिलीवरी वाले सामान में खजूर को शामिल करने के भी निर्देश दिए हैं।
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पूर्व सभासद हादी हसन अंसारी कहते हैं कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन का पालन करना ही एक उपचार है। परंतु मेरी पुलिस व जिला प्रशासन से गुजारिश है कि वह रमजान माह में कोई ऐसी व्यवस्था करें ताकि रोजेदारों के लिए रुहअफ्जा, खजूर एवं फलों की व्यवस्था हो सके। उन्होंने लोगों से कहा कि नमाज एवं तरावीह को घरों पर पढ़ें।
सिया समुदाय के अध्यक्ष मंसूर रिजवी ने कहा कि रमजान के माह में सभी घरों पर ही तरावीह पढ़ें और नमाज पढ़ें किसी मस्जिद में न जाएं। न कहीं एकत्रित हों। ताकि इस बीमारी से बचाव किया जा सके। प्रशासन से अपील है कि वह रमजान में शाम के वक्त क्षेत्रवार फलों के बिकने की छूट दे दें। ताकि खजूर, फलों के साथ अन्य सामान खरीद सकें।
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पूर्व सभासद महबूब अजीज कहते हैं कोरोना महामारी से तो हर किसी को बचाव करना चाहिए। मक्का मदीना में सभी कुछ बंद है तो फिर हम क्यों न घरों में रहकर तरावीह पढ़ने के साथ नमाज अदा करें। मेरा पुलिस प्रशासन को सुझाव है कि शाम के वक्त फलों, खजूर की बिक्री करने वाले ठेलों को छूट दे दी जाए। ताकि रोजेदारों की समस्या का हल हो जाएगा।
समाजसेवी नदीम भाई कहते हैं कि रोजा रखने को खजूर के साथ गर्मी के मौसम में रुहअफ्जा, सेव, केला सहित अन्य सामान की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि सभी लॉकडाउन का पालन करें। तरावीह एवं नमाज घरों पर पढ़ें। जैसे सुबह सब्जी वाले आ जाते हैं उसी प्रकार फलाें के मिलने की भी व्यवस्था की जाए।
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