थाना दक्षिण क्षेत्र के फुलवाड़ी में किशोर की हत्या में प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। मृतक के भाई ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद अभियोग दर्ज कराया है। भाई का आरोप है कि पुनीत को आरोपी घर से बुलाकर ले गए थे और रात को गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना दक्षिण क्षेत्र फुलवाड़ी निवासी पुनीत उर्फ पवन (16) पुत्र स्व. सुरेशचंद्र जाटव की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बड़े भाई अमन कुमार ने तहरीर में कहा कि पुनीत उर्फ पवन के मोहल्ले की किशोरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शनिवार दोपहर 12 बजे पुनीत को प्रेमिका के भाई, अपने दो अन्य साथियों के साथ बुलाकर ले गए थे। टोकने पर कहा पुनीत से कुछ बात करनी है और उसे खेतों की ओर ले गए। वह शाम तक नहीं लौटा तो खोजबीन की। खोजबीन करने के दौरान फायरिंग की आवाज सुनाई दी। खेतों में पहुंचने पर पुनीत मृत अवस्था में पड़ा था। गोली सीने में लगी होने के कारण रक्त निकल रहा था और पास में ही तमंचा पड़ा था। अमन ने राजू, भगवान सिंह, दिनेश कुमार पुत्रगण स्व. खेमचंद्र जाटव, संतोष पुत्र भगवान स्वरूप और संतनगर के निवासी दीपक उर्फ दीपा पुत्र मुन्नालाल के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज कराया है। पुलिस ने अभियोग दर्ज कर मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा परिवारीजनों को सौंप दिया। प्रभारी निरीक्षक दक्षिण केपी सिंह का कहना है कि मृतक के भाई की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया है।
प्रेमिका के परिजनों ने पहले भी दी थी जान से मारने की धमकी
फुलबाड़ी निवासी किशोर पुनीत का प्रेम चूड़ी जुड़ाई के कार्य के दौरान परवान चढ़ा। प्रेमिका के परिजनों ने दो माह पूर्व बात करते देख लिया तो पुनीत की पिटाई कर जान से ही मारने की धमकी दी थी। विवाद को थाने के लिए परिवारीजनों ने पुनीत को रिश्तेदारी में भेज दिया था। मृतक के भाई अमन ने बताया चार भाई, बहनों में पुनीत ही सबसे छोटा था। पिता सुरेशचंद्र का निधन 12 वर्ष पूर्व हो गया था। पुनीत ने हाईस्कूल का फार्म भरा था लेकिन परीक्षा नहीं दी। वह चूड़ी जुड़ाई का काम करता था। प्रेमिका के घर चूड़ी जुड़ाई करने के दौरान उसे किशोरी से प्रेम हो गया। प्रेमिका के भाइयों ने पुनीत को बात करते हुए चार माह पूर्व देख लिया था। तभी पिटाई करने के साथ जान से मारने की धमकी दी थी। होली पर पुनीत घर आया तो रामजीलाल के घर पर चूड़ी जुड़ाई का काम करने लगा। अमन ने रोते हुए कहा कि मुझे पता होता को भाई को वापस नहीं बुलाता।
मेरे पांच पांडवा थे, दो ही बचे....
फुलबाड़ी में मृतक पुनीत की मां मीरा देवी का हाल-बेहाल था। कभी बेसुध हो जाती तो होश में आने पर वह यही कहे जा रही थी अरे ..मेरे पांच पांडवा थे,बस दो ही बचे..। आखिर मेरे बेटे गोली से क्यों मारे जाते हैं। महिलाएं उसे ढांढस बंधा रहीं थी। बता दें स्व. सुरेशचंद्र मूलरूप से जनपद इटावा के बलरई क्षेत्र के गांव अजबपुरा के निवासी थे। फिरोजाबाद में काम की तलाश में आए थे और यहीं रहने लगे। 12 वर्ष पूर्व सुरेशचंद्र की मौत हो गई थी। पिता की मौत के एक वर्ष बाद 11 वर्षीय बेटे आशीष की शिकोहाबाद में आयोजित शादी समारोह में गोली लगने से मौत हो गई थी। पुनीत की हत्या के बाद दो भाई एवं एक बहन ही बचे हैं।
आरोपियों की मां बोली, बेटी की शादी तय करने गए
फुलबाड़ी में किशोर की हत्या के बाद रविवार को मोहल्ले में सन्नाटा नजर आया। लोग घरों में मौजूद थे लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था। आरोपियों के घर पर बिछी चारपाई पर दो युवक बैठे थे। आरोपियों की मां का कहना था कि मेरे बेटों पर लगाए गए आरोप गलत है। मेरे पुत्र आज ही बेटी की शादी तय करने गए हैं। दो बुजुर्गों ने कहा कि घटनाक्रम क्या हुआ? किसी को पता नहीं चला।