फिरोजाबाद। जिले के विकास से जुड़े करीब सात करोड़ की लागत वाले आधा दर्जन से अधिक प्रस्ताव की शासन स्तर की मूल्यांकन समिति की फाइलों में अटक गए हैं। इनमें शहर के प्रमुख छदामी लाल जैन मंदिर में प्राक् इतिहास पुस्तकालय एवं प्रकाश व्यवस्था का प्रस्ताव भी शामिल है।
अक्तूबर माह के दौरान जिले के पर्यटन विभाग द्वारा करीब सात करोड़ की लागत वाले विकास संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजे थे। इन प्रस्तावों में शहर के प्रमुख छदामीलाल जैन मंदिर में प्राक् इतिहास से जुड़े लेखों का पुस्तकालय एवं प्रकाश व्यवस्था स्थापना से जुड़ा था। शेष अन्य प्रस्ताव हरियाली के इरादे से बनाया गया वेद उपवन और मंदिरों के कायाकल्प से जुड़े हैं। जन प्रतिनिधियों और गणमान्यों के सहयोग से बने सभी सात प्रस्ताव फिलहाल सात माह से शासन स्तर की मूल्यांकन समिति(पीएफएमएस) की फाइलों में अटके हैं। हालांकि लंबे समय से फाइलों में अटके सभी प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने के लिए जिले के पर्यटन विभाग ने शासन को पत्र लिखा है।
डिजाइन पर उठाई थी आपत्ति
विभागीय सूत्रों की माने तो सभी सात प्रस्तावों के स्टीमेट और डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। मूल्यांकन समिति ने कई कार्यों की डिजाइन में बदलाव के सुझाव एवं लागत कम करने की संस्तुति की है।इन आपत्तियों को निस्तारण कराने के बाद संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं।
मूल्यांकन समिति की फाइलों में अटके प्रमुख प्रस्ताव-
-छदामीलाल जैन मंदिर में प्रकाश व्यवस्था,पुस्तकालय निर्माण
-हिम्मतपुर देवी मंदिर
-भावली में नगर उपवन निर्माण
-कनवारा में काली माता मंदिर का कायाकल्प
-सिरसागंज के रामनगर में प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्वार
-फूल नगरिया नारखी में हनुमान मंदिर में पर्यटन व अवस्थापना सुविधा से जुड़े विकास कार्य
जन सहभागिता से जुड़े 10 बड़े प्रस्ताव भी अधर में
पर्यटन विभाग द्वारा सहभगिता योजना के तहत नगर निगम,विकास प्राधिकरण,धार्मिक सोसायटी और वन विभाग के जरिए बनाए करीब 10 बड़े प्रस्तावों को भी शासन ने अभी तक हरी झंडी नहीं दी है। इनमें ज्यादातर प्रस्ताव हरित पट्टिका निर्माण,पर्यटन सुविधा से जुड़े हैं।
मूल्यांकन समिति ने लंबित प्रस्तावों की डिजाइन व लागत निर्धारण पर कुछ आपत्तियां लगाई थी। उन आपत्तियों का निस्तारण करा दिया गया है। संशोधित प्रस्ताव भेजे गए हैं। - विशाल श्रीवास्तव , क्षेत्रीय अधिकारी पर्यटन