फिरोजाबाद। सर्दी का असर बढ़ने के साथ ही हृदय व ब्लड प्रेशर के मरीजों में इजाफा होने लगा है। अब इन बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है। प्रतिदिन ओपीडी में 40 से 50 मरीज आने लगे हैं। इसे देखते हुए चिकित्सकों ने सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।दिसंबर माह की शुरुआत होते ही ठंड ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। ठंड शुरू होने के साथ हृदय की बीमारी लोगों को परेशान करनी लगी है। कुछ ही दिन में रोगियों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को हृदय व ब्लड प्रेशर से पीड़ित 40 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड का ज्यादा असर दिल पर पड़ता है। इस बार ठंड शुरू होने के साथ ही दिल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में पहुंचे बुखार व खांसी के साथ हृदय व बीपी रोगियों का उपचार करते हुए बचाव की सलाह दी।
सजग रहें हृदय रोगी
फिजिशियन डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ दिल के रोगियों की परेशानी भी बढ़ने लगती है। सर्दी में ऑक्सीजन की कमी रहती है, जिससे रक्त वाहिका संकरी हो जाती हैं और दिल के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के रोगियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है उन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरती चाहिए।
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ब्लड प्रेशर के मरीज ये बरतें सावधानी
-मीठा, नमकीन और खट्टा कम खाएं।
-सर्दियों में धूप जरूर सेकें।
-अधिक ठंड में सुबह के समय दवा लेकर ही बाहर निकलें।
-संतुलित, पोषक और ताजा भोजन खाएं।
-अल्कोहल और कैफीन के सेवन से बचें।
ऐसे करें बचाव
-ब्लड प्रेशर की नियमित रूप से जांच कराएं।
-शरीर का वजन न बढ़ने दें।
-तनाव को दिमाग पर हावी न होने दें।
-मौसमी फलों और हरी सब्जियां भरपूर मात्रा में खाएं।
-पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें।
-थोड़ी देर गुनगुनी धूप का आनंद लें।
वर्जन
अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों से हृदय रोगियों को बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही हैं। प्राथमिक उपचार फिजिशियन करते हैं। गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाता है। ठंड में हृदय रोग का खतरा बढ़ता है ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। इलाज में प्रयुक्त होने वाली दवाएं मौजूद हैं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार मरीजों को दवा वितरण काउंटर से दिया जा रहा है।
डाॅ. बलवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज