फिरोजाबाद। जिला कारागार में पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे बंदी की सोमवार की सुबह उपचार के दौरान ट्रॉमा सेंटर मौत हो गई। वह अपने भांजे को जान से मारने की नीयत से कुएं में फेंकने के आरोप में पांच माह से जेल में बंद था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है।
थाना रामगढ़ के बड़ा मिर्जा का नगला निवासी कृष्ण कुमार (22) पुत्र राम निवास को थाना रामगढ़ पुलिस ने अपने ही भांजे का अपहरण करने के बाद जान से मारने की नीयत से कुएं में फेंकने के मामले में 14 मई 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेलर लाल प्रसाद अनुसार उसकी तबियत पहले से खराब चल रही थी।
शारीरिक रूप से कमजोर होने के साथ भगंदर बीमारी का शिकार था। इसका उपचार जेल के चिकित्सकों के द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने कहा उसकी दो बार कोरोना की जांच कराई गई थी। इसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 17 सितंबर को तबियत ज्यादा खराब होने पर उसको जेल अस्पताल में भर्ती कर लिया था।
इस दौरान दो बार जिला अस्पताल में उपचार एवं जांच के लिए ले जाया गया। सोमवार को तड़के कृष्ण कुमार का ब्लड प्रेशर कम हो जाने के कारण उसे जिला अस्पताल स्थित सरकारी ट्रॉमा सेंटर भेजा था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मृतक के परिजनों को सिपाही के माध्यम से भेज दी है।
कोट
परिजनों के द्वारा मारपीट किए जाने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत है। उसकी तबियत पहले से खराब चल रही थी। शारीरिक रूप से कमजोर होने के साथ भगंदर की बीमारी का शिकार था। -लाल प्रसाद, जेलर(जिला कारागार)
ताऊ का आरोप अमित नामक बंदी ने की थी मारपीट
फिरोजाबाद। मृतक के ताऊ सुनहरी लाल का आरोप है कि जेल में अमित नाम के बंदी से करीब बीस दिन पूर्व चप्पल पहनने को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान भतीजे कृष्ण कुमार की पिटाई कर दी गई थी। उसके सिर में चोट लगने के बाद से ही उसकी हालत खराब होती चली गई। एक सप्ताह पूर्व ही जमानत हो जाने के कारण वह (सुनहरी लाल) जेल से छूटकर बाहर आए हैं।