ग्राम प्रधान के चुनाव में शिकोहाबाद ब्लाक के बूथ संख्या 172 पर फर्जी मतदान कराने वाले पीठासीन अधिकारी सहित उसके तीन अन्य साथियों की जमानत अर्जी को जिला व सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण सिंह ने खारिज दिया। जमानत खारिज होने के बाद आखिर चारों को फिर से जेल जाना पड़ा।
पंचायत चुनाव के दौरान शिकोहाबाद ब्लाक के ग्राम बैंदीपुर बिदरखा में नौ दिसंबर को हुए मतदान के दौरान बूथ संख्या 172 पर पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात किए स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम नेत्रपाल सिंह, स्टाफ नर्स संजय सिंह, डीआरडीए के तकनीकि सहायक ब्रजेश कुमार तथा पंचायती राज विभाग के कर्मचारी संजय कुमार पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी मतदान एक प्रत्याशी के पक्ष में कराया है। इस ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ने वाले शेष नौ प्रत्याशियों ने संयुक्त रूप से प्रशासन को शपथपत्र दिया था। इसकी जांच एसडीएम शिकोहाबाद चंद्रभानु सिंंह ने की और सीसीटीवी के फुटेज आदि को देखा तो कर्मचारियों एक प्रत्याशी के पक्ष में मिलीभगत उजागर हो गई। तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा जेल भेज दिया था। 11 दिसंबर को इस बूथ पर पुर्नमतदान हुआ था। पिछले करीब साढ़े तीन माह से फर्जी मतदान कराने के आरोप में जेल में बंद कर्मचारियों ने जमानत अर्जी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश (जिला जज) श्रीकृष्ण सिंह के समक्ष प्रस्तुत किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नीरज यादव ने पूरी जानकारी को जिला जज के समक्ष रखा। आखिर न्यायाधीश ने चारों की जमानत अर्जी निरस्त करने के आदेश दिए।