फिरोजाबाद। 9 जनवरी को क्षमता विस्तार के मुद्दे पर होने वाली सुनवाई के दौरान कांच उद्योग पुख्ता पैरवी की कोशिश में है। पुख्ता पैरवी के लिहाज से कांच उद्यमियों ने अपना पक्ष रखने को सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित पांच अधिवक्ताओं को नामित किया है।
आगरा के एक उद्यमी की शिकायत पर फिरोजाबाद की 49 इकाइयों के विरूद्व क्षमता विस्तार की जांच की जा रही है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए 9 जनवरी को तिथि नियत की गई है। वहीं क्षमता विस्तार के मामले में सुप्रीम सुनवाई के दौरान फिरोजाबाद का कांच उद्योग जगत पुख्ता पैरवी की तैयारी कर रहे हैं। क्षमता विस्तार के मुद्दे पर पुख्ता पैरवी के लिए कांच उद्यमियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोरा के अलावा श्याम दीवान, श्वेता पाठक और अक्षय कुलश्रेष्ठ को नामित किया है।
वरिष्ठ उद्यमी व निर्यातक मुकेश बंसल टोनी के अनुसार मनगढंत शिकायत के आधार पर कांच उद्योग को प्रभावित करने की कोशिश हुई। हम सुप्रीम कोर्ट में असल तथ्यों के साथ अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखेंगे। ताकि हम सभी उद्यमियों को राहत मिल सके।