भीषण गर्मी में बिजली और पानी के संकट से सुहाग नगरी के बाशिंदे परेशान हैं। गुरुवार को मेंटिनेंस के नाम पर बिजली सुबह 11 बजे से बंद कर दी गई और शाम को सात बजे के बाद सप्लाई दी गई। ऐसे में इनवर्टर भी जवाब दे गए और लोग गर्मी से अकुला उठे। बिजली न होने के कारण पानी का संकट भी गहरा गया। इससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित रहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही 24 घंटे बिजली देने के आदेश दिए हैं, लेकिन विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण जनता को घोर बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। गुरुवार को भी 11 बजे से शहर के एसएन, गांधीपार्क और सुहागनगर बिजलीघर से जुड़े 48 से अधिक मोहल्लों की दिनभर बिजली आपूर्ति बंद हो गई।
सरकारी, प्राईवेट कार्यालयों में भीषण गर्मी के कारण अधिकारी, कर्मचारी कामकाज छोड़कर खुले में बैठे नजर आए। शाम को करीब पांच बजे कार्य पूरा हुआ, तब तक ट्रांसमिशन की ओर से पुन: शटडाउन ले लिया गया, इसके बाद शाम को सात बजे आपूर्ति सुचारु हो सकी।
जिला मुख्यालय पर आयोजित जिला समन्वयन एवं निगरानी समिति की बैठक के कारण ट्रांसमिशन ने शटडाउन के समय कार्य नहीं कराया। यदि एक साथ शटडाउन लेकर कार्य करा लिया जाता तो जनता को देर शाम तक बिजली संकट से नहीं जूझना पड़ता।
परीक्षा के कारण सुबह नहीं मिला शटडाउन
विद्युत विभाग द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक शटडाउन लेने की योजना बनाई थी। सुबह साढ़े सात बजे एसडीओ सचिन गुप्ता 220 आसफाबाद विद्युत उपसंस्थान से शटडाउन लेने पहुंचे तो उनसे यह कहकर मना कर दिया गया कि शासन का निर्देश दिए है बोर्ड परीक्षा के दौरान सुबह शटडाउन न दिया जाए। अत: 11 बजे से शटडाउन होने के बाद भी कार्य शुरू हो सका।
दो घंटे के स्थान पर छह घंटे बंद रही सप्लाई
ककरऊ कोठी चार्ज करने के लिए दो घंटे शटडाउन लेने की योजना थी, लेकिन गुरुवार को जब कार्य शुरू हुआ तो छह घंटे लगा दिया। कार्य के चलते इंडस्ट्रियल एरिया, लालऊ, पुरुषोत्तम बिहार और यूपीएसआईडी के बिजली घर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह से शाम तक बिजली गायब रही।
जलकल के कंट्रोल रूम में हर रोज आ रहीं 30-40 शिकायतें
जलकल विभाग के कंट्रोल रूम में हर रोज 30-40 शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। शहर में खराब नलकूप, सबमर्सिबल, क्षतिग्रस्त लाइनें ठीक करने को जलकल विभाग की टीमें दौड़ रही हैं, लेकिन पेयजल समस्या काबू में नहीं आ रही है। अप्रैल में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है, इसमें बिजली और पानी का संकट लोगों को परेशान कर रहा है।
गुरुवार को मथुरा नगर गली नंबर आठ, हसमत नगर, नगला विश्नू, कौशल्या नगर, नगला बरी, हिमायूंपुर, पुरानी मंडी, देवकी नगर, डाकियान स्ट्रीट, अंबेडकर पार्क छात्रावास, सुहाग नगर सेक्टर एक, ओमनगर, सुभाष कालोनी आदि स्थानों पर पेयजल समस्या के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गईं। जलकल विभाग 60-70 टैंकरों से पानी की आपूर्ति करा रहा है, लेकिन फिर भी हालात बिगड़े हुए हैं।
सुभाष नगर में 15 दिन में 10 बार फुंकी सबमर्सिबल
सुभाष नगर में वर्षों पुराना सबमर्सिबल लगा हुआ है, इसमें जमीन में पानी कम होने के कारण सबमर्सिबल आए दिन खराब हो जाती है। जलकल विभाग क्षेत्रीय जनता की शिकायत पर हर दूसरे दिन सबमर्सिबल को ठीक करा रहा है, लेकिन अगले दिन ही वह खराब हो जाता है। 15 दिन में जलकल विभाग ने इसकी 10 बार मोटर बदलवाई है।