आसफाबाद में गरीबों के आवास बनाने को आवंटित की गई भूमि पर बिल्डरों ने कब्जा कर लिया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को प्रशासन ने कब्जा से मुक्त करा लिया। भूमि को कब्जे से मुक्त कराने के लिए भारी तादात में पुलिस फोर्स काफी देर तक वहां डेरा जमाए रहा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराकर जलनिगम की सीएनडीएस शाखा के हैंडओवर कर दी।
आसफाबाद में आसरा योजना के तहत डूडा विभाग द्वारा चार बीघा जमीन पर गरीबों के 84 आवास बनाए जाने हैं। आवास बनाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था जलनिगम सीएंडडीएस शाखा को सौंपी गई है। चार बीघा जमीन में से करीब डेढ़ बीघा जमीन पर प्राइवेट बिल्डरों ने कब्जा कर लिया। जमीन पर कब्जे के चलते आवास बनाने का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा था। बुधवार को नगर आयुक्त रामऔतार रमन, सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, परियोजना अधिकारी डूडा इंदु बाला, जलनिगम अफसरों के साथ तहसील के लेखपाल आसफाबाद पहुंचे। वहां गाटा संख्या 337 में दर्ज चार बीघा जमीन की पैमाइश कराई। अधिकारियों ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अवैध कब्जे को हटवाया। कब्जा हटाने के साथ ही उसे जलनिगम के हैंडओवर कर दिया। इसके बाद नगर आयुक्त व सिटी मजिस्टे्रट ने संयुक्त रूप से कार्य का शिलान्यास भी किया। मौके पर निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रमाशंकर रमा, अजय मिश्रा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।