फिरोजाबाद। डेढ़ किलो चरस के साथ युवक को जेल भेजने के मामले में न्यायालय ने जिले के पुलिस अधिकारियों को पत्रावली भेजकर जवाब मांगा है। इधर जांच में फंसे पुलिसकर्मी बचाव में जुगाड़ बैठा रहे हैं। इधर से उधर भाग-दौड़ करने में जुट हुए हैं। तय तिथि 26 मार्च का आख्या प्रस्तुत न करने पर न्यायाधीश ने एसएसपी को स्मरण पत्र जारी कर 4 अप्रैल की तिथि दी है। आख्या न देने पर जांच में फंसे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो जाएगा।
तीन मार्च को लाइनपार के एक युवक को पकड़कर उसे कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया था। इसके बाद उससे रुपयों की मांग की गई। मांग पूरी न करने पर चार मार्च को डेढ़ किलो चरस के साथ गिरफ्तारी दिखाकर पांच मार्च को जेल भेज दिया गया। युवक के दादा रामप्रकाश ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील न्यायालय में दायर कर दी थी। न्यायाधीश ने 26 मार्च को रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट प्रेषित न करने पर कोर्ट ने एसएसपी को स्मरण पत्र भेजकर 4 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है। रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की रास्ता साफ हो जाएगा। इधर कार्रवाई से बचने के लिए जांच में फंसे पुलिसकर्मी जुगाड़ लगाने में जुट गए हैं। पुलिसकर्मी मामले को दबाने के लिए सिफारिशें करा रहे हैं। युवक के दादा रामप्रकाश ने उप निरीक्षक योगेन्द्र सिंह, उप निरीक्षक सिंहराज सिंह, उप निरीक्षक सौरभ कुमार, कांस्टेबल रिंकू कुमार और पवन चपराना के सहयोग से साजिश करके झूठी बरामदगी दर्शाकर झूठा फंसाने का आरोप भी लगाया गया है।