पंडित राधेश्याम शर्मा महंत दाऊजी मंदिर
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फिरोजाबाद। पितृपक्ष के दौरान किसी भी गरीब, भिखारी का अपमान नहीं करना चाहिए। दान करने के साथ ही पितरों का तर्पण करें साथ ही कुछ सावधानी बरतना जरूरी है। ताकि इस एक पखवाड़े में पितृ नाराज नहीं होनेे पाए। पितृ प्रसन्न होंगे और आपका जीवन मंगलमय बीतेगा।
-पंडित राजीव लोचन मिश्र कहते हैं कि पितृपक्ष के दौरान घर के पितरों को जल प्रतिदिन देना चाहिए। इसके साथ ही उनकी मृत्युवाली तिथि को श्राद्ध भोजन बनाकर खिलाएं या फिर दान करें। पितृपक्ष के दौरान नए वस्त्र या सामान की खरीदारी नहीं करनी चाहिए। यह शुभ नहीं माना जाता है। इस दौरान गरीबों, भिखारियों या किसी भी जीव-जंतु का अपमान नहीं करना चाहिए।
दूधवाली गली स्थित श्री दाऊजी महाराज मंदिर के महंत पंडित राधेश्याम शर्मा कहते हैं कि पितृपक्ष के दौरान कोई शुभकार्य नहीं करना चाहिए। जैसे विशेष पूजा-पाठ एवं अनुष्ठान है। इस दौरान किए गए कोई शुभकार्य स्थायी नहीं होते और न ही फलदायी होते हैं। इसलिए श्राद्ध पक्ष के दौरान इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। शादी एवं उससे जुड़े शुभकार्य नहीं करें।
श्री द्वारिकाधीश महाराज मंदिर के महंत अभिषेक गौड़ कहते हैं कि श्राद्ध पक्ष में क्या करना चाहिए और क्या नहीं यह जानकारी अधिकांश परिवार के बुजुर्गों को रहती है, लेकिन जिस दिन आप किसी करीबी का श्राद्ध कर रहे हो उस दिन पान नहीं खाएं और न ही तेल लगाएं। इन दिनों में रंगीन फूलों का प्रयोग भी वर्जित माना गया है।