मथुरा के प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से खरीदी थी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। पेट्रोल पंप स्वामी जिवेंद्र कुमार ने लापता होने का सच खुद ही पुलिस व परिजन को बताया है। उन्होंने खुलासा किया है कि उनके लापता होने के पीछे कोई आपराधिक घटना नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी विवाद में 76 लाख रुपये फंसने का तनाव कारण रहा। प्रॉपर्टी डीलर द्वारा लगातार परेशान किए जाने से उपजे तनाव में वह खुद चले गए थे।
थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत बुर्ज एटा रोड, रवि ब्रेड बेकरी के पास निवासी पेट्रोल पंप स्वामी जिवेंद्र कुमार ने बताया कि अपने चार सहयोगियों के साथ मिलकर अरांव क्षेत्र में करोड़ों रुपये की भूमि खरीदी थी। मथुरा के प्रॉपर्टी डीलर हरिओम शर्मा के माध्यम से हुई इस खरीद में उनके 76 लाख रुपये लगे थे। खरीद के बाद जमीन में विवाद सामने आ गया, जिससे वह तनाव में आ गए।
मथुरा के डीलर हरिओम शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की। प्रॉपर्टी डीलर पिछले 20 दिनों से लगातार उनका फोन रिसीव नहीं कर रहा था, जिससे बड़ी रकम डूबने की आशंका सताने लगी। रकम डूबने के डर से वह इस कदर मानसिक तनाव में आ गए कि बिना किसी को बताए घर से चले गए थे। इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालक ने इसी तनाव के चलते घर छोड़ा था।
सकुशल हुई वापसी
जिवेंद्र मंगलवार सुबह टहलने के लिए निकले थे, जिसके बाद से वह लापता हो गए। बेटे कपिल द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसएसपी सौरभ दीक्षित ने पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने कारोबारी को बस में सवार होते हुए एक सीसीटीवी फुटेज में देख लिया था। इसके बाद उन्हें मथुरा के फरह स्थित न्यू बस स्टैंड से बरामद किया था।