संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। लिवर प्रत्यारोपण के लिए राजधानी एक्सप्रेस से असम से दिल्ली जा रहे 53 वर्षीय यात्री की सोमवार रात तबीयत बिगड़ गई। आरपीएफ और जीआरपी के सिपाही मरीज को उतारकर ट्राॅमा सेंटर ले गए। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जिला चिरांग, असम के बिजनी निवासी रंजन घोष लिवर की बीमारी से परेशान थे। वह अपने भतीजे पवन कुमार और बेटी रीमा घोष के साथ राजधानी एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-छह से दिल्ली लीवर प्रत्यारोपण कराने जा रहे थे। बेटी ने बताया कि कानपुर से ट्रेन निकलने के बाद पिता की तबीयत बिगड़ गई। इसकी जानकारी टीटीई को दी गई। रात 9.45 बजे ट्रेन को रेलवे स्टेशन पर रुकवा कर जीआरपी-आरपीएफ की टीम ने उन्हें उतारा और एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर ले गई। डाॅक्टर द्वारा मृत घोषित करने के बाद शव को पोस्टमार्टम घर में रखवा दिया गया।
मंगलवार सुबह बेटी रीमा ने जीआरपी थाने में प्रार्थना पत्र देकर शव का पोस्टमार्टम न कराने को कहा। उनकी असम में कपड़े की दुकान है। बेटी और भतीजे ने उनका जलेसर रोड स्थित शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।