यात्रियों ने तीन घंटे धूप-गर्मी में गुजारे
भारतीय किसान यूनियन भानु के नेशनल हाईवे पर किए गए तीन घंटे के चक्का जाम के चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ गया। सैकड़ों गाड़ियां एक के पीछे एक खड़ी होती चली गईं। हाईवे पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दे रही थीं। वहीं चक्का जाम के चलते पुलिस प्रशासन पूरी तरह से हलकान रहा।
नेशनल हाईवे पर लगाए गए जाम के चलते आने-जाने वाले यात्रियों को चिलचिलाती धूप में परेशान होना पड़ा। जिन यात्रियों को टूंडला से ट्रेन पकड़नी थी वे वाहनों से पैदल उतरकर सुभाष चौराहे तक पहुंचे। वहीं आसपास क्षेत्रों में जाना था वे भी पैदल चल पड़े। तमाम परिवार जाम में ऐसे फंसे थे उन्हें जल्दी पहुंचना था वे परिवार की महिलाओं व बच्चों को लेकर एक से दो किमी पैदल चलकर टूंडला तक पहुंचे। ऐसे में महिलाओं व बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसे यात्री खाने व पानी के लिए भी तरस गये। वहीं वक्त खाने का था उसी दौरान जाम लगा। ऐसे में वाहनों में बैठे यात्री खासे परेशान रहे। इस दौरान लोगों ने मौके का फायदा उठाने पहुंचे चने, नमकीन विस्कुट, पानी बेचने वालों से खरीद कर अपनी भूंख-प्यास बुझायी। ऐसे में वह तीन घंटे तक रोड पर ही परेशान होते रहे। इस दौरान धूप गर्मी व भूख से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का हाल-बेहाल था।इस दौरान जामें में फंसे वाहन चालक व यात्री जाम लगाने वालों को कोसते नजर आए।
पुलिस और भाकियू भानु के पदाधिकारियों बीच हुईं झड़पें
भाकियू पदाधिकारियों और प्रशासन के बीच कई बार झड़पें हुई। सीओ श्रीभगवान ने पुलिस बल के साथ किसानों को पचोखरा पर रोकने का प्रयास किया। यहां यूनियन पदाधिकारियों से पुलिस की झड़प हुई तथा बेरीकेडिंग तोड़कर किसान टूंडला आ गए। जाम के दौरान भी एसडीएम और सीओ से भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष ओमपाल सिंह और प्रदेश प्रवक्ता पवन ठाकुर की कई बार झड़पें हुई।
पुलिस ने लाठी भांजी तो किसान भी चलाएंगे लाठी
जाम के दौरान एसडीएम सीओ ने कई बार वार्ता की पेशकश की, लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान सीओ द्वारा पदाधिकारियों पर लाठीचार्ज की बात कही गई तो प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप सिंह भड़क गए। उन्होंने मंच से सीओ को खरीखोटी सुनाते हुए कहा कि पुलिस ने यदि किसानों पर लाठी चलाईं तो किसान चुप नहीं बैठेगा। इस पर किसानों ने उनका लाठी उठाकर समर्थन किया। इसके बाद पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने एंबुलेंस को निकाला,
भाकियू भानु के चक्का जाम के दौरान जाम में फंसी एंबुलेंस को भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने निकलवाया। वहीं जो एंबुलेंस भीड़ में नहीं निकल सकीं अथवा अन्य वाहनों में फंसे मरीजों को भाकियू पदाधिकारियों ने अपने वाहनों में अस्पताल पहुंचाया।
कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा
तीन घंटे जाम के बाद भी एसडीएम और सीओ के अलावा कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि पूर्व में कुछ समय जाम रहने पर ही एएसपी, से लेकर एसपी और डीएम तक पहुंच जाते थे। ऐसे में एसडीएम व सीओ भी हताश होकर बैठ गये।