फिरोजाबाद। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में सरकार डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान करती है। ड्रेस, बैग व अन्य शिक्षण सामग्री के लिए 1200 रुपये दिए जाते हैं। महंगाई के दौर में अभिभावक बीते साल 300 रुपए में ड्रेस, 175 बैग नहीं खरीद सके। नए सत्र में अभिभावक शासन से उम्मीद लगाए हैं कि डीबीटी धनराशि बढ़ाई जाए। जिले के 1827 परिषदीय विद्यालयों में करीब एक लाख 54 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी योजना के तहत प्रतिवर्ष 1200 रुपये शिक्षण सामग्री के लिए भेजा जाता है। बीते साल करीब एक लाख 20 हजार छात्र-छात्राओं के खाते में डीबीटी आई। इनमें से 60 फीसदी अभिभावकों ने यूनिफार्म तक नहीं खरीदी। योजना के तहत दो जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए 600 रुपये, स्कूल बैग के लिए 175 रुपये, जूते-मोजे के लिए 125 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये और स्टेशनरी के लिए 100 रुपये प्रदान किए जाते हैं।
छलावा साबित हाे रहा डीबीटी योजना
- अभिभावक धर्मवीर का कहना है कि दो जोड़ी ड्रेस के लिए 600 रुपये मिलते हैं। इस पैसे से ड्रेस तो दूर उसकी सिलाई तक नहीं कराई जा सकती है। शासन से मांग है कि इस बार डीबीटी को बढ़ाकर दे।
अभिभावक नेकराम ने कहा कि कहना है कि बाजार में कोई भी बैग 300 रुपये से कम में नहीं मिल रहा है। शासन की तरफ से बैग खरीदने के लिए मात्र 150 रुपये ही मिलते हैं। जूते-मोजे, स्वेटर व स्टेशरी आदि खरीदने के लिए अतिरिक्त पैसा लगाना पड़ता है।
- डीबीटी योजना के तहत अभिभावकों की बैंक डिटेल व आधार फीडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। इनके खाते में डीबीटी योजना के तहत पैसा भेजा जाएगा, जिससे अभिभावक अपने बच्चों के लिए ड्रेस, जूता-मोजा व बैग आदि खरीद सकें। - आशीष पांडेय, बीएसए