ओटीएस योजना के तहत छूट का लाभ पाने, पंजीकरण कराने के लिए ग्रामीणों में खासी रुचि नजर आ रही है। ऐसे में बिजलीघरों पर खासी भीड़ हैं। उपभोक्ताओं को बिल प्राप्त करने और ठीक कराने में घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।
शासन ने ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए विद्युत बिलों में 100 प्रतिशत माफी की एक मुश्त समाधान योजना 30 अक्तूबर से 10 जनवरी तक लागू की है। नवंबर एवं दिसंबर माह में ग्रामीण उपभोक्ताओं ने खास रुचि नहीं दिखाई, लेकिन अब योजना के समाप्ति की तिथि नजदीक आने पर बिजलीघरों पर भीड़ उमड़ रही है।
डिवीजन कार्यालय से लेकर गांव देहात तक ग्रामीण रजिस्ट्रेशन कराने की जुगाड़ में लगे हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो अब तक जनपद में रजिस्ट्रेशन कराने का आकंडा करीब साढ़े नौ हजार के पार पहुंच चुका है। इससे विभाग को करीब आठ करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। जनवरी के अंतिम दस दिनों में विभागीय अफसरों को बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।
बाबुओं की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी
शासन द्वारा भले ही ओटीएस योजना के तहत अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन विभागीय बाबुओं की मनमानी उपभोक्ताओं को भारी पड़ रही है। ग्रामीण उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन कराने के बाद संशोधित बिल प्राप्त करने को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। विभाग के बाबू उपभोक्ताओं को तरह-तरह के बहाने बनाकर बेवजह चक्कर काटने को मजबूर कर रहे हैं।
ओटीएस में आजतक प्रगति एक नजर में
डिवीजन पंजीकरण जमा प्राप्त राजस्व
फीरोजाबाद 4539 3152 3,88,48,000
शिकोहाबाद 5023 3413 4,71,22,000