फिरोजाबाद। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों ने भी कोरोना की जंग में मदद की है। बंदियों ने जेल में काम करने से होने वाली आय से 21 हजार रुपये की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजी है। जबकि कारागार में निरुद्ध बंदियों को काम करने पर मात्र 25 रुपये से 40 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं। समाज में जेल एक ऐसा स्थान है, जिसमें रहने वाले लोगों को व्यक्ति घृणा और तिरस्कार की दृष्टि से देखता है, लेकिन अब जेल प्रताड़ना गृह या अपराधियों की शरण स्थली न होकर सुधार गृह का रूप ले चुकी है। कोरोना की जंग में बंदियों का मन भी राहत कोष में पैसा देने लिए हुआ।
इन बंदियों को काम के बदले प्रतिदिन से 40 रुपये तक मिलते हैं। इतने कम मेहनताना होते हुए भी जेल के 19 कैदियों द्वारा कुल 21900 का योगदान दिया गया है। जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान ने बताया कि इसकी पहल प्रेमवीर सिंह नाम के कैदी द्वारा की गई थी, जिससे दूसरे 18 कैदी भी प्रेरित हुए। इसके पूर्व समस्त कारागार स्टाफ द्वारा अपना एक दिन का वेतन भी उक्त राहत कोष में दिया जा चुका है। कैदियों का यह पैसा सेंट्रल बैंक में चेक के माध्यम से जमा कराया गया है।