जसराना में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
कस्बे में चलाए जा रहे अतिक्रमण अभियान पर लोगों ने सवालिया निशान लगा दिए हैं। कई संगठन के लोगों ने प्रशासन पर एक तरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। आरोप है कि प्रशासन ने जानबूझकर मां कामाख्या धाम की दुकानों की पटिया को तुड़वा दिया। पीठाधीश ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है।
मां कामाख्या धाम के पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण अभियान में भेदभाव किया गया है। मां कामाख्या धाम को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की गई। बार एसोसिएशन अध्यक्ष नीलकमल यादव ने कहा कि अधिशासी अधिकारी पूर्वाग्रह से ग्रसित मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। नालों के ऊपर बने अवैध निर्माणों को नहीं तोड़ा गया है। वहीं जसराना के प्रसिद्ध एवं आस्था के प्रतीक मंदिर को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अधिशासी अधिकारी को कानूनी नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाओ अभियान की पूरी वीडियोग्राफी एवं कार्रवाई का मानक मांगा जाएगा। मानकों के अनुरूप कार्रवाई न होने पर उच्च न्यायालय में अधिशासी अधिकारी के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा। वहीं अधिशासी अधिकारी आलोक रंजन ने कहा कि मंदिर की नहीं दुकानों की पटियों को तोड़ा गया है। किसी भी पूर्वाग्रह एवं भेदभाव के साथ कार्रवाई पहीं की गई है। नाला सफाई के तहत कार्रवाई की गई है।
दुकानदारों ने किया विरोध
जसराना (ब्यूरो)। एसडीएम जसराना के नेतृत्व में कस्बे में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत एटा-शिकोहाबाद मार्ग पर नाले के ऊपर रखी पटियाओं केा हटवाया गया। बंद दुकानों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर अन्य दुकानदारों ने विरोध किया। बाद में एक दुकानदार नीलेश गुप्ता को बुलवाकर उसकी दुकान का शटर खुलवाया गया। कर्मचारियों ने हथौडे़ से उसकी भी पटिया को तोड़ दिया। एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने नाले के ऊपर अतिक्रमण कर रखा है, स्वयं हटा लें अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा मय पुलिस फोर्स, ईओ आलोक रंजन नगर पंचायत के कर्मचारी आदि मौजूद रहे।