फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूल फिर अव्यवस्थाओं के साथ खुल गए हैं। जनपद में इसी साल करीब नौ से अधिक नए शिक्षकों की तैनाती मिली है। इसके बावजूद भी जनपद के कई विद्यालय एकल संचालित चल रहे हैं। नई भर्ती और ट्रांसफर में आए शिक्षकों के बावजूद भी एकल स्कूलों में शिक्षकों को तैनाती नहीं मिली है। कहीं, कहीं तो सिर्फ शिक्षामित्र ही स्कूलों की जिम्मेदारी देख रहे हैं।
एकल स्कूलों में न तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती है और न ही एक से अधिक शिक्षकों की तैनाती है। शिक्षकों को साफ-सफाई के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य कराना पड़ रहा है। इस कारण बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी संचालित नहीं हो पा रही है। जबकि कागजों में बेसिक शिक्षा विभाग एक भी विद्यालय एकल न होने का दावा कर रहा है। इस साल करीब नौ सौ से अधिक शिक्षक जनपद में और आए हैं। उनमें अधिकांश को उन विद्यालयों में भेजा गया है, जिनमें से पहले कई शिक्षक तैनात थे। अब स्कूल 69 हजार शिक्षक भर्ती के तीसरे चरण में चयनित शिक्षकों के पहुंचने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
- तबादला या फिर एसआईटी जांच के बाद कुछ स्कूल खाली रह गए हैं। 69 हजार शिक्षक भर्ती में शासन स्तर से ही स्कूलों का आवंटन किया गया था। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी हैं। उनमें शिक्षकों के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। -डॉ. अरविंद पाठक
- विद्यालय में मैं एकल शिक्षक हूं। एकल शिक्षक होने से दिक्कत आती हैं। पूरा प्रशासनिक कार्य से लेकर एमडीएम का कार्य देखने में समय गुजर जाता है। शेष बचा समय ट्रेनिंग में चला जाता है। जब स्कूल खुलेंगे तो यह समस्या फिर बनीं रहेगी। -दिलीप कुमार, प्राइमरी बैबलपुर
- मेरे विद्यालय में मेरे सिवाय कोई शिक्षक नहीं है। ऐसे में विद्यालय में प्रशासनिक कार्य देखना पड़ता है। फिलहाल कई शिक्षक आ गए हैं। इसके बाद भी कोई शिक्षक विद्यालय में नहीं आया है। 69 हजार शिक्षक भर्ती के तीसरे चरण से उम्मीद है।
दिनेश राजा, नगला बीरी
यह स्कूल हैं एकल
- प्राइमरी स्कूल बैबलपुर। यहां पर सिर्फ शिक्षक अजय कुमार गुप्ता तैनात हैं। इनके अलावा न कोई शिक्षामित्र है।
- नगला सिमान में शिक्षामित्र ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद एक ही शिक्षक की तैनाती है।
- प्राइमरी स्कूल नगला बीरी में सिर्फ प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार की तैनाती है। एक शिक्षिका अंतरजपदीय तबादला लेकर चली गई।
- प्राइमरी नगला धनी में सिर्फ एक ही शिक्षामित्र के भरोसे स्कूल चल रहा है। यहां शिक्षक एआरपी बन गए हैं।
- प्राइमरी स्कूल राजगढ़ में शिक्षक मुकेश कुमार के एआरपी बनने के बाद सिर्फ एक ही शिक्षक है।