स्टांप चोरी के मामले में जिला प्रशासन ने गुरुवार को कठफोरी टोल से 20.07 लाख रुपये वसूले। आरसी जारी होने के बाद टोल कंपनी के मैनेजर द्वारा जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर प्रशासन ने सख्ती से कदम उठाया।
मुंबई की मै. एमईटी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स द्वारा पूर्व में टूंडला टोल प्लाजा का टोल वसूली का कांट्रेक्ट लिया था। टोल मैनेजर द्वारा टोल का एग्रीमेंट न कराकर मात्र 100 रुपये के स्टांप पर लिखापढ़ी करा ली गई थी। सब रजिस्ट्रार प्रथम सुरेशचंद्र मौर्या ने जांच कर 1.80 करोड़ की स्टांप चोरी करने के संबंध में तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद को रिपोर्ट सौंपी थी। डीएम ने स्टांप कोर्ट में सुनवाई कर टोल प्रबंधन के खिलाफ आरसी जारी की थी। इसके बाद भी टोल प्रबंधन द्वारा छह-सात माह गुजरने के बाद भी जुर्माना राशि अदा नहीं की। डीएम निधि केसरवानी के निर्देश पर गुरुवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार मांदड़, सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह, तहसीलदार सदर जीत सिंह रॉय, नायाब तहसीलदार और अमीनों के साथ सिरसागंज स्थित कठफोरी टोल पहुंचे। टोल पर मौजूद मैनेजर से जुर्माना राशि अदा करने को कहा। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर अफसरों ने मौके पर 20.07 लाख रुपये जुर्माना राशि वसूली। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जुर्माना की पूरी राशि अदा न करने तक कार्रवाई जारी रहेगी।