सुहागनगरी में प्रदूषण, क्षमता विस्तार, गलत रूप से इकाईयों को स्वीकृति देने के संबंधित सेफ संस्था द्वारा एनजीटी में दायर याचिका के मामले में 19 नवंबर को सुनवाई होनी है। मामले में सुनवाई की तिथि नजदीक आते ही अफसरों की धड़कन तेज हो गई हैं। वहीं उद्यमियों में भी बेचैनी है।
सुहाग नगरी के कांच उद्योग को लेकर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, संसदीय कमेटी, एनजीटी में लगातार शिकायतें हो रही है। सेफ संस्था द्वारा हाल ही में एनजीटी में शिकायत की गई थी कि फीरोजाबाद में 89 इकाईयां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना चल रही हैं। वहीं कई इकाईयों द्वारा बिना अनुमति के क्षमता विस्तार कर लिया गया है। प्रदूषण और उद्योग विभाग में तैनात अफसरों द्वारा कई इकाईयों को गलत रूप से स्वीकृति दे दी गई है।
इस प्रकार कुल 143 इकाईयों के मामले में शिकायत की गई। मामले में अक्तूबर में एनजीटी में सुनवाई होनी थी, लेकिन कई विभागों द्वारा जवाब दाखिल न करने के कारण मामले पर निर्णय नहीं हो सका था। एनजीटी द्वारा निर्देश दिए गए थे कि सभी जल्द अपने-अपने जवाब दाखिल करें। 19 नवंबर को मामले में सुनवाई की जाएगी। एनजीटी के निर्देश पर उद्योग विभाग द्वारा पूर्व में ही जवाब दाखिल कर दिया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने शुक्रवार को अपना जवाब दाखिल कर दिया है। 19 नवंबर को होने वाली सुनवाई को लेकर अफसरों के साथ उद्यमियों की नींद उड़ी है। उद्यमियों को चिंता सता रही है कि एनजीटी द्वारा कहीं कांच इकाईयों के खिलाफ कोई सख्त आदेश जारी न कर दिया जाए।