शिकोहाबाद। युवकों को नौकरी और ठेकेदार दिलाने का झांसा देकर फर्जी कंपनी बनाने वाले गैंग का सरगना पुलिस के रडार पर है। जांच में ओडिशा के रहने वाले राजेंद्र मलिक का नाम सामने आया था। उसने कुछ दिनों तक एनसीआर की लोकेशन से भी इस नेटवर्क को संचालित किया था।
शिकोहाबाद पुलिस एवं साइबर सेल की टीम ने जसराना के युवक के खाते में करोड़ों का लेनदेन होने पर मामले की जांच शुरू की थी। जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी थीं। पुलिस ने इस गैंग की मास्टर माइंड आरोपी महिला समेत दो आरोपियों को जेल भेज दिया है, लेकिन इस पूरे नेटवर्क में जीएसटी चोरी तथा ऑनलाइन गेमिंग आदि का पैसा फर्जी कंपनी के खातों में भेजने वाले सरगना की पुलिस को तलाश है। पुलिस की जांच में उड़ीसा में रहने वाले राजेंद्र का नाम पुलिस रिकॉर्ड में आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कुछ समय तक नोएडा से भी इस नेटवर्क को संचालित किया था। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सरगना का पकड़ा जाना बहुत जरूरी है, इसके लिए शिकोहाबाद पुलिस कई बड़े शहरों में आरोपी की तलाश कर रही है। इंस्पेक्टर अनुज कुमार का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है। जल्द ही आरोपी को हिरासत में लिया जाएगा।