फीरोजाबाद। नगर निगम की कार्यशैली ने न केवल शहर के बाशिंदे बल्कि विभाग
में काम करने वाले कर्मचारी गुस्से में हैं। शनिवार को निगम के ठेका
कर्मचारियों ने जहां हंगामा किया वहीं हिमांयुपुर पार्क में खंडित डा.
भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा नहीं बदले जाने को लेकर लोगों में गुस्सा है।
इसे लेकर जाटव महासभा के साथ लोगों ने हंगामा और नारेबाजी की।
जाटव महासभा ने जताया विरोध, पार्क में की नारेबाजी
हिमायूंपुर स्थित अंबेडकर पार्क में लगी डा. भीमराव अंबेडकर की
प्रतिमा को बुधवार को खंडित कर दिया था। पार्क की दीवार धराशाई हो गई थी।
इसको लेकर समाज के लोगों में आक्रोश था। तहरीर भी दक्षिण पुलिस को दी गई।
शुक्रवार को पार्क की बाउंड्री निर्माण और सुंदरीकरण के साथ नई प्रतिमा
स्थापित कराने की मांग को लेकर जाटव महासभा के पदाधिकारी नगरायुक्त से मिले
थे। उन्होंने एक सप्ताह का समय दे दिया। इसके साथ ही शनिवार दोपहर
थानाध्यक्ष दक्षिण पुलिस बल के साथ प्रतिमा तथा पार्क का निरीक्षण करने
पहुंचे तो जाटव समाज के लोगों ने सारे घटनाक्रम से अवगत कराया। इसके साथ ही
निगम अधिकारियों द्वारा मामले को गंभीरता से न लिए जाने पर आक्रोश जताते
हुए नारेबाजी की। इसको पुलिस ने बाद में शांत करा दिया। विरोध करने वालों
में कृष्णकांत जाटव, केडी जाटव, दीपक, लवजीत, सुशील आदि शामिल है।
आक्रोशित ठेका कर्मियों ने की नारेबाजी
ठेकेदार द्वारा घर से मजदूरी बांटने की सूचना पर ठेका कर्मियों
में आक्रोश भड़क गया। ठेका कर्मचारियों ने नगर निगम में हंगामा, नारेबाजी
शुरू कर दी। सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारी एवं उपायुक्त के मध्य नगर निगम से
मजदूरी बांटने को लेकर काफी हाट-टाक भी हो गई।
नगर निगम में तैनात 720 ठेका कर्मचारियों को तीन माह से मानदेय नहीं मिला
था। नगर निगम अफसरों के अथक प्रयास के बाद गत माह ठेका कर्मियों का नया
टेंडर कराया गया, जिसके बाद ठेका कर्मियों का रुका तीन माह का मानदेय मिलने
का रास्ता साफ हो गया था। नगर निगम द्वारा ठेकेदार अख्तर हुसैन को सभी
ठेका कर्मियों का भुगतान कर दिया था। शुक्रवार को सफाई मजदूर संघ के
पदाधिकारी एवं उपायुक्त के मध्यम वार्ता हुई थी कि ठेकेदार द्वारा पालीवाल
हाल में सभी कर्मचारियों को वेतन बांटा जाएगा। इसके बाद भी शनिवार को
ठेकेदार द्वारा टापा पैठ स्थित अपने घर से वेतन बांटने की सूचना से
कर्मचारी भड़क गए। अपराह्न दो बजे कार्य समाप्त कर कर्मचारी सीधे नगर निगम
जा पहुंचे। उन्होंने यह बात संघ के पदाधिकारी अशोक वाल्मीकि, योगेश सरन व
चंदन वाल्मीकि को बताते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। उपायुक्त से ठेकेदार
को बुलाकर नगर निगम से वेतन बंटवाने की बात रखी। इसी बात को लेकर दोनों
पक्षों में काफी हॉट-टॉक भी हो गई। बाद में वह ठेकेदार को बुलाने को राजी
हुए। आक्रोशित कर्मचारी काफी देर तक नगर निगम में हंगामा नारेबाजी करते
रहे। बाद में ठेकेदार को बुलाकर वर्कशॉप से सभी कर्मचारियों की मजदूरी का
वितरण कराया गया। राजा, संजू, राहुल, रवि, सुधीर, रविंद्र, अरविंद, संजय,
अनिल, अमर, विकास, सनी, शिवम सहित काफी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।
फर्जी वेतन को लेकर भी था आक्रोश
पदाधिकारियों का कहना था कि इंसपेक्टरों की मिलीभगत से तमाम कर्मचारियों का
फर्जी वेतन निकलता रहा है। नगर निगम बनने के बाद भी यह प्रक्रिया नहीं रुक