फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय लोक अदालत ने बनाया रिकार्ड, 57541 वादों का निस्तारण

विज्ञापन
न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शिकायतों को देखते जिला जज संजीव फौजदार - फोटो : FIROZABAD
विज्ञापन
फिरोजाबाद। शनिवार को जनपद न्यायालय प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 30 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष 57541 वादों का निस्तारण करके एक नया रिकार्ड कायम किया। राष्ट्रीय लोक अदालत उन मामलों को सुलह समझौते से निस्ताकरण कराया गया जो बीस सालों से चक्कर काट रहे थे। वहीं परिवार न्यायालय की ओर से नौ परिवारों में समझौता कराके दोबारा बसाने की पहल की। जोड़ों को बुके देकर घरों की ओर रवाना किया। राजस्व न्यायालयों ने निपटाए 30499 वाद निपटाए।
विज्ञापन

जनपद न्यायालय के केंद्रीय सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश संजीव फौजदार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी परिवार न्यायालय एवं राजेश कुमार सिंह मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने वादों का निस्तारण कराया।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता को बताया। एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि शमनीय प्रकृति के वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्तम समाधान होता है। एडीएम अभिषेक कुमार सिंह, एसपी सिटी मुकेश कुमार मिश्रा, अपर नगर आयुक्त संतोष यादव, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, महासचिव देवेंद्र सिंह यादव ने विचार रखे। प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (वरिष्ठ खंड) मिनाक्षी सिन्हा ने संचालन किया।
विज्ञापन

शनिवार को लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय के नौ बिछड़े परिवारों को मिलाने का काम आपसी सुलह समझौते के माध्यम से किया। इसमें राधा एवं बबलू के बीच समझौता हो गया। वहीं वंदना का राजकमल, राजकुमारी एवं लालता प्रसाद के मध्य, विनीता देवी पत्नी बच्चू सिंह, आरव पत्नी चंद्रवीर, मधु पत्नी राजू, भवी देवी पत्नी वीरेश, पूनम पत्नी सुनील एवं नीतू पत्नी रमेश के मध्य विवाद खत्म करके नौ परिवारों को एक साथ घर भेजा। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज आजाद सिंह ने बताया कि समझौता करने वाले जोड़ों का बुके देकर स्वागत करने के साथ आगे एक साथ रहने की सीख दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें