फोटो 1 पीएमश्री स्कूल नसीरपुर। संवाद
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फिरोजाबाद। सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएमश्री योजना जिले में मूल उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। जिले के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के रूप में पहचान रखने वाले पीएमश्री स्कूल खुद ही विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित और अर्थशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे हैं कि कई विषयों की पढ़ाई वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे कराई जा रही है।
छात्रों को प्रवेश के बाद पता चला कि जिले के पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज टूंडला में 11 पद रिक्त हैं। यहां भौतिक विज्ञान, हिंदी और अर्थशास्त्र के प्रवक्ताओं के पद खाली पड़े हैं। वहीं एलटी ग्रेड में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, कला और संगीत विषय के शिक्षक नहीं हैं। उधर, पीएमश्री विद्यालय नसीरपुर में हिंदी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के शिक्षकों के पद खाली हैं। एलटी ग्रेड में भी हिंदी, गणित, विज्ञान, कला, गृह विज्ञान और शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की कमी है।
लैब बनीं, लेकिन पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं
पीएमश्री योजना के तहत विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर और अन्य संसाधनों पर लाखों खर्च किए जा रहे हैं। एक विद्यालय में ही करीब 10 लाख रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब का निर्माण कराया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं हैं तो आधुनिक लैब और संसाधनों का विद्यार्थियों को कितना लाभ मिल पाएगा।
शासन स्तर से शिक्षकों के समायोजन के लिए विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं और उपलब्ध शिक्षकों का विवरण मांगा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षकों की कमी दूर कर दी जाएगी। - मुदिता पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक