फिरोजाबाद। मनरेगा योजना में काम करने वाले स्टाफ को पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ। शासन से मानदेय मद में कोई बजट फिलहाल नहीं मिला है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का लक्ष्य हासिल करने के लिए दिन-रात एक करने वाले स्टाफ को तो मानदेय का भुगतान किए जाने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में करीब 185 रोजगारसेवक काम कर रहे हैं। रोजगार सेवकों के साथ ब्लाक स्तर पर एपीओ, कम्प्यूटर ऑपरेटर, एकाउंटेंट के साथ ही तकनीकी सहायकों तक को मानदेय का भुगतान पिछले तीन माह से नहीं हुआ है। जिले में नौ एपीओ, सात-सात कम्प्यूटर ऑपरेटर व एकाउंटेंट हैं जबकि 25 तकनीकी सहायक हैं। बताते हैं कि इनके मानदेय का भुगतान प्रशासनिक मद से किया जाता है। लेकिन प्रशासनिक मद में बजट का आवंटन शासन से नहीं किया जा रहा है। लखनऊ में हुई शिकायत में रोजगारसेवकों ने फिरोजाबाद जिले में 84 हजार रुपये की एसी खरीद पर खर्च कर दिया है।
मनरेगा योजना से जुड़े रोजगारसेवकों, एपीओ, कम्प्यूटर ऑपरेटरों व तकनीकी सहायकों को मानदेय का भुगतान एवं 84 हजार रुपये से एसी खरीदे जाने का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। क्योंकि कुछ दिन पूर्व चार्ज संभाला है। यदि कोई समस्या है तो उसका हल कराया जाएगा। - अरविंद चंद्र जैन, जिला विकास अधिकारी फिरोजाबाद।