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कट कर मर गया था नाग, गुमसुम नागिन ने उसी जगह जमा लिया डेरा, याद में हुई 'खामोश'

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फिरोजाबाद। टूंडला के गांव नगला सूरज में बिल के पास बैठी नागिन। - फोटो : TUNDLA
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टूंडला (फिरोजाबाद)। प्रेम का कोई पैमाना नहीं होता है। फिर चाहे वह इंसान का दिल हो या किसी जानवर का। आपको पता चले कि एक नाग के मरने के बाद उसकी नागिन उसी स्थान पर बैठकर अपने नाग की याद कर खामोश पड़ी है। तो शायद आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन फिरोजाबाद के पास टूंडला के थाना पचोखरा क्षेत्र के एक गांव में एक नाग के मरने के बाद नागिन गुमसुम होकर बैठ गई है।
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यह नागिन तीन दिन से भूखी-प्यासी है। उसकी हालत देख गांव के बाहर रोज ग्रामीणों की भीड़ लग रही है। ग्रामीण हर रोज उसे पीने के लिए बर्तन में दूध रख रहे हैं लेकिन नागिन इसे देख भी नहीं रही है।

पचोखरा थाना क्षेत्र के गांव नगला सूरज में एक हफ्ते पहले एक किसान करब को कूट रहा था। तभी एक नाग उसकी मशीन से कट गया। नाग के मरने पर किसान ने उसे जलाकर पास ही दफन कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के तीन-चार दिन बाद कहीं से आई एक नागिन ने वहां डेरा जमा लिया है।
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नागिन को वहां देख पहले तो ग्रामीण काफी भयभीत हो गए। लेकिन नागिन को खामोश देख लोगों में चर्चा होने लगी। नागिन पास के एक बिल से निकलकर उस स्थान पर यूं ही पड़ी रहती है। आसपास लोगों की भीड़ के बाद भी वह दूसरे सांपों की तरह फन तक नहीं उठा रही। ग्रामीण नागिन को देख परेशान हो रहे हैं। उनका मानना है कि नागिन अपने नाग के वियोग में गुमसुम है।

लोग नागिन के लिए दूध रखकर उसका ध्यान बांटने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नागिन ने एक बार भी दूध नहीं पीया। वह जस की तस स्थिति में बैठी मिलती है। ग्रामीण उस पर नजर रखे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार नागिन सुबह से ही एक बिल से निकलकर वहां खामोश होकर बैठ जाती है।
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