जसराना। जसराना के गांव पैढ़त में आयोजित जखई मेले में रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने के कारण जाम के हालात रहे। ऐसे में मंदिर परिसर तक पहुंचने के लिए भक्तों को पैदल चलना पड़ा। जसराना के गांव पैढ़त में सैकड़ों वर्ष पुराना जखई महाराज का मंदिर है। मंदिर में माघ माह में विशाल मेला लगता है। माघ माह की तीसरी जात (विशेष दर्शन) के लिए शनिवार की रात से भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार की सुबह भक्तों द्वारा जखई महाराज की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान जात करने मैनपुरी, फर्रुखाबाद, औरया, इटावा, कन्नौज, हरदोई, कानपुर, लखनऊ, एटा आदि जनपदों के साथ एमपी, राजस्थान एवं दिल्ली सहित कई राज्यों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान मुस्तफाबाद एका मार्ग पर जाम जैसे हालात बने रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने वाहनों को पहले ही रोक दिया। श्रद्घालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ा।
प्रत्येक मार्ग पर बने रहे जाम के हालात जखई मंदिर तक पहुंचने के लिए आधा दर्जन से अधिक मार्ग है। शनिवार की आधी रात के बाद से लेकर रविवार की शाम तक सभी मार्गों पर जाम के हालात बने रहे। प्रशासन ने स्थानीय लोगों के वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। जिसके कारण लोगों को परेशानी भी हुई। मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों को दो से तीन किमी पैदल चलना पडा।
बच्चों का कराया मुंडन
पैढ़त के जखई मंदिर पहुंचे हजारों भक्तों में से कुछ ने विवाह होने पर सपत्नीक पहुंच जात की तो कुछ लोगों ने अपने बच्चों का मुंडन कराया। अधिकांश लोग मन्नत पूरी होने पर जखई महाराज के दर्शन करने पहुंचे।