फिरोजाबाद। पहले कोचिंग सेंटर खोला और युवाओं को कोचिंग पढ़ाने के नाम से उन्हें अपने साथ जोड़ा। इसके बाद उसने पुलिस और प्रशासन से बचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। इससे समाज में भी अपनी पैठ बढ़ाई और फिर शुरू किया युवा बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाना। कोचिंग चला कर परिवार का भरण पोषण करने वाला व्यक्ति अचानक युवाओं को सिविल डिफेंस में नौकरी लगाने का झांसा देने लगा। इसके साथ ही उसने सोशल मीडिया के जरिए क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों में अपनी पैठ बना ली। तीन चार माह पूर्व उसने जनपद में कई लोगों की भर्ती कर ली। भर्ती के नाम पर उसने उनसे 10 हजार रुपये लिए और 22600 रुपये प्रति माह वेतन पर उन्हें नौकरी भी दे दी। उसने बाकायदा युवाओं को कोड नंबर दिया और पदनाम के आगे फायर फाइटर लिखा है। कार्ड पर लिखा है सिविल डिफेंस फिरोजाबाद ( नीचे कोष्ठक में लिखा है गृह मंत्रालय उत्तर प्रदेश सरकार) इस कार्ड को लेकर युवा विगत तीन माह से जनपद के प्रत्येक चौराहे पर पुलिस और होमगार्ड के साथ खड़े होकर सेवाएं प्रदान कर रहे थे। जब नौकरी करते हुए तीन माह गुजर गये तो युवाओं ने अपने वेतन दिलाने के लिए कोचिंग संचालक के पास जाकर कहा। युवाओं का आरोप है कि उन्हें नीले कलर की वर्दी और टोपी दी गई। टोपी पर बकायदा पुलिस का लोगो भी लगा है। विगत तीन माह से यह युवा बेरोजगार चौराहे पर ड्यूटी दे रहे थे, लेकिन किसी पुलिस विभाग के व्यक्ति ने उनसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं की। अब सैकड़ों बच्चे खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।