नगर निगम अग्निकांड मामले में कई अधिकारी, कर्मचारियों की परेशानी बढ़ सकती है। मामले में दोषी कर्मचारियों से लिखित में स्पष्टीकरण लेने के बाद उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों से भी रिपोर्ट तलब की है। उनसे पूछा गया है कि कोठरी में किस-किस विभाग का रिकार्ड था।
नगर निगम में गत माह एक कोठरी में भीषण आग लग गई थी। इससे कोठरी में रखा वर्षों पुराना रिकार्ड जलकर राख हो गया था। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी थी। मामले में नगर आयुक्त रामऔतार रमन ने सुपरवाइजर एवं चौकीदार को निलंबित किया था। वहीं स्टेनो, ओएस और कोर्ट लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। मामले की जांच के लिए उपायुक्त के निर्देशन में जांच कमेटी गठित की गई थी। कमेटी अध्यक्ष ने मामले में दोषी कर्मचारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांग लिया है। जांच अधिकारी, उपायुक्त प्रमोद कुमार द्वारा सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर जानकारी मांगी है कि अग्निकांड में किस-किस विभाग का कितना पुराना रिकार्ड जला है? उन्होंने लेखा विभाग, टैक्स विभाग, रिकार्ड, निर्माण विभाग, जनगणना सहित सभी विभागाध्यक्षों को दो दिन में सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि नगर निगम अग्निकांड में लेखा विभाग एवं जनगणना से संबंधित वर्षों पुराना रिकार्ड था। इस अग्निकांड को नगर निगम में हुए घोटालों से संबंधित साक्ष्य नष्ट करने की बात भी सामने आ रही हैं। हालांकि अभी कोई भी अधिकारी कुछ खुलकर बताने से बच रहा है।