शराब और बीयर की दुकानें हटवाने के लिए महिलाओं ने रविवार को आंदोलन शुरू कर दिया। एक दिन पूर्व ही उन्होंने लाठी डंडे लेकर दुकानदार और सेल्मैनों को दौड़ा दिया था। आबकारी विभाग के अधिकारियों की भी महिलाओं ने एक नहीं सुनी।
लाइनपार क्षेत्र के धोबीघाट नाम से आवंटित देशी, अंग्रेजी व बीयर की दुकानें गांव गढ़ी भक्ति रोड पर खुली हुई हैं। वहां से निकलने वाली महिलाओं से कई बाद छेड़छाड़ और बदसलूकी की घटनाएं हो चुकी है। आए दिन की घटनाओं से आजिज आकर महिलाओं ने शनिवार को लाठी डंडे लेकर शराब की दुकानें बंद करा दी थीं। रविवार सुबह जैसे ही ठेके खुले महिलाएं फिर से लाठी डंडे लेकर पहुंच गईं। उन्होंने दुकानों को बंद कराते हुए वहीं पर अनशन पर बैठ गईं। सूचना पर जिला आबकारी अधिकारी चंद्रशेखर पहुंच गए। आबकारी विभाग की टीम ने महिलाओं का समझाने का प्रयास किया तो उन्होंने जमकर खरखोटी सुनाई। अधिकारियों ने एक सप्ताह में दुकानों को हटवाने की बात कहीं लेकिन महिलाओं ने इंकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक दुकानें नहीं हटेंगी अनशन समाप्त नहीं होगा। रामवती देवी, बैजंती देवी, प्रवेश कुमार, रामप्रकाश कुशवाह, कमलेश देवी, कुसुम देवी, विरमा देवी, वीरपाल सिंह, सतीशचंद्र शर्मा, मुकेश कुमार आदि थे।
उक्त स्थान पर चार साल से दुकानें चल रही हैं। एक सप्ताह में दुकानों को हटवाने का आश्वासन देकर महिलाओं को शांत कर दिया है। महिलाएं अब भी अनशन पर हैं इसकी जानकारी नहीं हैं।
चंद्रशेखर, जिला आबकारी अधिकारी