फिरोजाबाद। एक पखवाड़े पहले नवजात शिशु को बेचने के मामले में मां बेकसूर निकली। इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) ने उसे मां के सुपुर्द कर दिया। वहीं शिशु को बेचने के मामले में आरोपी डाॅक्टर व नर्स का रामगढ़ प़ुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है।
रामगढ़ क्षेत्र के कोटला रोड रानी नगर में किराए के मकान में रहने वाले धर्मेंद्र कुमार बघेल की पत्नी दामिनी ने 18 अप्रैल को घर पर बेटे को जन्म दिया था। बीमार होने पर उसे सैलई क्षेत्र में स्थित न्यू लाइफ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिता धर्मेंद्र 18 हजार रुपये के बिल का भुगतान करने में असमर्थ था। पुलिस का मानना है कि धर्मेंद्र ने अपने बेटे को सज्जन गर्ग निवासी एस वन, थर्ड फ्लोर श्री साईं अपार्टमेंट श्रुति एन्क्लेब द्वारिकापुरी ग्वालियर को बेच दिया था। 23 अप्रैल को रामगढ़ थाने की पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे को सज्जन गर्ग के घर से बरामद कर लिया था। 27 अप्रैल की शाम धर्मेंद्र और सज्जन गर्ग को जेल भेज दिया गया था। जबकि नवजात को मां के साथ वन स्टाप सेंटर पर रखा गया था।