शीत लहर और सर्दी से कंपकंपाते लोग आग के सहारे बैठे हुए।
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फिरोजाबाद। सुहाग नगरी का तापमान सोमवार को एक डिग्री और लुढ़क गया। न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहने के कारण शीतलहर का प्रकोप हावी रहा। पूरे दिन जमीन से आसमान तक कोहरा छाया रहा। पूरे दिन धूप नहीं निकली। हर कोई सर्दी से बचाव का इंतजाम करता दिखाई दिया। स्कूल कालेजों में समय से पहले ही छुट्टी कर दी गई। सुबह देर से खुले बाजार शाम को जल्दी बंद हो गए। कोहरे में वाहनों की गति धीमी रही।
नए वर्ष के पहले दिन एक जनवरी 2023 को पारा न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस पर था। सोमवार को पारा पांच डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। इसके कारण सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। जिले में प्राइमरी एवं जूनियर स्कूल तो 14 जनवरी तक के लिए बंद करने के आदेश बीएसए ने जारी कर दिए। लेकिन इस आदेश के बाबजूद प्राइवेट स्कूल, सीबीएसई स्कूल, आईसीएससी स्कूलों में बच्चे जाते दिखाई दिए। स्कूलों में छात्र-छात्राएं तो पहुंचे लेकिन शीतलहर के कारण पढ़ाई नहीं हो सकी। बच्चे सर्दी के कारण स्कूल टाइम में ठिठुरते रहे। प्रतिष्ठानों पर भी पूरे दिन लोग अलाव जलाकर तापते दिखाई दिए।
आलू और सरसों की फसल पर असर
सुहाग नगरी में जिस तरह से सोमवार को न्यूनतम तापमान पांच डिग्री पहुंच जाने के साथ पाला गिरने की संभावना काफी बढ़ गई है। पाला गिरने के कारण सीधे आलू की फसल के साथ-साथ सरसों की फसल पर असर पड़ेगा। क्योंकि इनके ऊपर गिरने वाला पानी जम जाएगा। इससे आलू की पत्तियों को नुकसान पहुुंचेगा। पत्तियां प्रभावित होंगी तो फिर फसल को मिलने वाला खाना कम मिलेगा और इसके साथ पैदावार प्रभावित होगी। सरसों की फसल के दाना भी कमजोर हो जाएगा।
गंधक का करें छिड़काव : कृषि वैज्ञानिक
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के वैज्ञानिक डॉ. आशीष श्रीवास्तव कहते है कि पाला आलू एवं सरसों दोनों की फसलों के लिए हानिकारक है। रात्रि दस बजे से पहले किसानों को फसलों की हल्की सिंचाई करनी चाहिए। उद्यान की फसल जैसे आलू की फसल के लिए घुलनशील गंधक 80 प्रतिशत डब्ल्यूपी को दो से ढाई ग्राम मात्रा प्रति लीटर के हिसाब से मिलाकर, दो सौ लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ में छिड़काव कराएं। इससे पाले का प्रभाव कम होगा। उन्होंने पशु पालकों से कहा कि वह अपने पशुओं को दिसंबर से फरवरी तक छांव में बांधे।