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मातमी धुन पर या हुसैन या हुसैन...या अली से गूंजी सुहाग नगरी

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टूंडला में जुलूस के दौरान युद्धकला का प्रदर्शन करते मुस्लिम - फोटो : TUNDLA
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फिरोजाबाद। मोहर्रम की दसवीं तारीख को मंगलवार को शहर में मातमी धुन के साथ अलम और ताजियों का जुलूस निकाला गया। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए करबला और शीशग्रान स्थित कब्रिस्तान पहुंचकर समाप्त हुआ। करबला कमेटी ने ताजियेदारों का इस्तकबाल कर ताजियों और अलमों को सुपुर्द ए खाक कराया। हर तरफ या हुसैन या हुसैन...या अली के नारे गूंजते रहे।
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जिला मोहर्रम कमेटी के बैनर तले शुरूआत हजरत इमाम उद्दीन शाह व फखरुद्दीन शाह की दरगाह से की गई। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, जिला मोहर्रम कमेटी के संयोजक सूफी गुलाम समदानी मियां साबरी, कार्यवाहक अध्यक्ष मोहसिन मियां, उपाध्यक्ष सूफी वकील मियां, महामंत्री गुलाम अब्बास मियां, सचिव गुलाम सज्जाद मियां, मेंबर मोहम्मद परवेज साबरी,
महामंत्री गुड्डू मियां, हाजी गुलाम साबिर, अदनान, आसिफ, मोरिस सर, सादान, परवेज, फहीम, शाहवाज, शाहिद आदि ने सोने - चांदी के अलम और ताजियों को उठाकर जुलूस की शुरुआत की। जुलूस की शुरुआत से पहले ही मोहल्लों के ताजिये और अलमदार दरगाह हजरत इमामउद्दीन शाह व फखरुद्दीन शाह पर एकत्रित हुए थे। जुलूस शीशग्रान मार्ग से होते हुए झमैय्याटोला, होली वाली भट्टी से होकर हाजीपुरा चौराहा से होकर गालिब नगर, राहीनगर, शीतल खां मार्ग होता हुआ करीब शाम को मोहल्ला शीशग्रान पहुंचा यहां ताजिये दफनाए गए।
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जुलूस मार्ग में जगह -जगह तबर्रुक का वितरण किया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारी भी गश्त करते नजर आए। जिला मोहर्रम कमेटी ने मोहर्रम की दसवीं मजलिस का आयोजन दरगाह हजरत इमाम उद्दीन शाह व फखरुउद्दीन शाह में गुलाम समदानी मियां की अध्यक्षता में किया।
करबला में पहुंचे ताजिएदार
जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ स्टेशन रोड स्थित करबला कब्रिस्तान पर पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां करबला कमेटी के अध्यक्ष हिकमत उल्ला खां ने कमेटी के अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ ताजियेदारों का इस्तकबाल कर सुपुर्द ए खाक कराया। इस दौरान करबला कमेटी के अध्यक्ष हिकमत उल्ला खां के साथ जकी उल्ला खां, नन्ने भाई अलवी, फीरोज आदिल, शमशुल हक, नूर मोहम्मद, हाफिज शादाब खां, यासीन मंसूरी आदि मौजूद रहे।
इन क्षेत्रों में निकाला गया जुलूस
जुलूस कश्मीरीगेट, चिश्तीनगर, रामगढ़, हबीबगंज के साथ अन्य क्षेत्रों से आने वाला जुलूस नालबंद चौराहा पर पहुंचा। यहां से जुलूस नालबंद चौराहा, इमामबाड़ा, छोटा चौराहा, घंटाघर, सदर बाजार, शास्त्री मार्केट, गंज चौराहा, सेंट्रल चौराहा होते हुए कटरा सुनारान, धोबी वाली पुलिया, मोहल्ला कोटला, मुस्ताक बिल्डिग़, नई बस्ती स्थित मूला सिंह का चौराहा, करबला की पुलिया होता हुआ करबला कब्रिस्तान पहुंचकर समाप्त हो गया।
तैनात रहा फोर्स, बैरियर लगाकर रोका यातायात
सिनेमा चौराहे पर बैरियर लगाकर जलेसर रोड से आने वाले वाहनों को सदर बाजार की ओर प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। सुभाष तिराहे से आने वाले वाहनों को गांधी पार्क चौराहे पर लगे बैरियर पर रोका जा रहा था। अन्य रास्तों से आने वाले वाहनों को संत टाकीज स्थित सैय्यद बाबा की मजार के पास बैरियर लगाकर रोका।
करबला की पुलिया पर भी बैरियर लगाए गए थे। स्टेशन रोड पर वाहनों को रोककर नई बस्ती की ओर से आने वाले जुलूस को करबला की पुलिया से सुरक्षा के बीच पास कराया जा रहा था। इसके साथ ही घंटाघर, गंज चौराहा, इमामबाड़ा, छोटे चौराहे पर बैरियर लगाकर यातायात रोका गया था।
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