फिरोजाबाद। 280 करोड़ खर्च के बाद भी जिले की चरमराई बिजली व्यवस्था की पर शासन ने सख्ती दिखाई है। विधायक मनीष असीजा ने हालात से उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल को अवगत कराया तो शासन के आदेश पर सोमवार को प्रबंध निदेशक (एमडी) नीतीश कुमार स्वयं फिरोजाबाद पहुंचे। शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर एमडी ने जनप्रतिनिधि के साथ व्यापारियों से फीडबैक लिया। डीएम सभागार में तीन घंटे तक जिले के सभी विद्युत अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। इसमें कई लोगों पर नाराजगी जाहिर कर कार्रवाई करने को कहा।
एमडी नीतीश कुमार के तेवर शुरुआत से ही सख्त रहे। उन्होंने रिमैप्ड योजना के अंतर्गत अशोका बिल्डकॉन द्वारा कार्य समय से पूरा न किए जाने पर निविदा शर्तों के अनुसार जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। यह योजना मार्च 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन कार्य की प्रगति बेहद धीमी और लापरवाह पाई गई। समीक्षा में मीटर बिलिंग और राजस्व वसूली भी बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। जसराना क्षेत्र में वसूली बेहद कम पाए जाने पर एमडी ने फरिहा स्थित दोनों सबस्टेशनों के एसडीओ को चार्जशीट देने की बात कही। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि जिन एसडीओ की बिलिंग सबसे कम पाई जाएगी, उन पर कड़ी कार्रवाई तय है।
फिरोजाबाद के एक्सईएन की कार्यशैली को लेकर भी एमडी ने नाराजगी जताई। विधायक सदर मनीष असीजा ने कहा कि विद्युत समस्या से पूरा शहर जूझ रहा है, लेकिन विद्युत अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
पानी की आपूर्ति न हो बाधित, इस पर करें काम
सबसे गंभीर मामला हाथवंत प्रतापपुर फीडर लाइन से जुड़ा सामने आया, जहां आए दिन फॉल्ट आने के कारण शहर का पानी प्लांट बंद हो जाता है और पूरी पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। इस पर एमडी ने तत्काल पुराने इंसुलेटर हटाकर फाइबर के आधुनिक इंसुलेटर लगाने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त रिषीराज ने कहा कि इस समस्या का समाधान सबसे पहले होना चाहिए। जिससे पानी की आपूर्ति बाधित न हो।
खुलासा - 185 टीजीटू कर्मचारी कर रहे दूसरा काम
बैठक के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि करीब 185 टीजीटू कर्मचारी अपनी मूल ड्यूटी छोड़कर अन्य कार्यों में संलग्न हैं। इस पर एमडी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जवाब मांगा। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि 10 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मानव संसाधन की कमी की बात पर एमडी ने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो उसे बढ़ाया जाएगा, लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर उनके साथ निदेशक अजय अग्रवाल, तकनीकी निदेशक मनोज श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
फाल्ट पर जताई चिंता, तकनीकी जांच कर दूर करें समस्या
बैठक में एसएन बिजली घर व जेडाझाल में बार-बार आ रहे फॉल्ट की शिकायतों पर भी एमडी ने चिंता जताई। निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश विद्युत शटडाउन या अन्य तकनीकी कार्य हो, तो उसकी जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जनता को पहले दी जाए। बार-बार फॉल्ट हो तो तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच कर स्थायी समाधान किया जाए। समीक्षा बैठक के दौरान नगर विधायक मनीष असीजा ने भी शहरवासियों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को खुलकर रखा और कहा कि जनता लंबे समय से बिजली की लचर व्यवस्था से जूझ रही है। इसके अलावा कई व्यापारी संगठनों के नेता ज्ञापन देकर व्यापार में हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। बैठक में डीएम रमेश रंजन, मुख्य अभियंता जीवन प्रकाश, नगर आयुक्त ऋषिराज, अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार निर्मल समेत सभी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।
टेक्निकल डायरेक्टर ने बिजली घर का किया निरीक्षण
टेक्निकल डायरेक्टर मनोज श्रीवास्तव ने ककरऊ कोठी, रसूलपुर और रामनगर बिजली घर का निरीक्षण किया। यहां आने वाली टेक्निकल दिक्कतों को संबंधित एसडीओ और अवर अभियंता के साथ समीक्षा की। इधर, शासन से आई 10 टीमें सात अलग-अलग डिवीजन में पहुंची। उन्होंने बकाएदारों पर बिल जमा करने की अपील की। अन्यथा कार्रवाई के निर्देश दिए।