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एमडीएम: वितरण से अधिक प्रचार पर जोर

Thu, 15 Sep 2016 12:08 AM IST
Amar Ujala
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एमडीएम: वितरण से अधिक प्रचार पर जोर - फोटो : Amar Ujala
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योजनाओं की जांच से ज्यादा सरकार का प्रचार करने पर ध्यान
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फल और दूध वितरण के दिन अक्सर एमडीएम नहीं देती है एनजीओ
(अंकित जैन)
पौष्टिक आहार खिलाओ या न खिलाओ, लेकिन सरकार के गुण जरूर गाओ। परिषदीय स्कूलों में दूध वितरण एवं फल वितरण की योजना में भी कुछ इसी तरह हो रहा है। फल हो या दूध, दोनों के वितरण पर नजर रखने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, हां सरकार का बैनर लगवाने पर जरूर ध्यान दिया जा रहा है। पूर्व में भेजे गए फरमान पर मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के निदेशक ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए एमडीएम के वितरण का ब्यौरा मांगा है, जबकि स्कूलों में इस योजना का क्रियान्वयन ठीक से नहीं किया जा रहा है।
परिषदीय स्कूलों में सोमवार को फल वितरण एवं बुधवार को दूध वितरण की योजना अलग से है। इसके अनुश्रवण के लिए शिक्षाधिकारियों, टास्क फोर्स समिति को लगाया गया है, मगर ये सब कागजों तक सिमट कर रह गया है। बुधवार को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के इलाकों में एमडीएम के तहत शिक्षकों ने बच्चों को दूध वितरित नहीं कराया। वहीं, एनजीओ भी दूध वितरण के दिन एमडीएम भी गोल कर देती है। जहां एमडीएम वितरण हुआ, वहां दूध नहीं वितरित किया गया।
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स्कूलों का लाइव
- समय सुबह 10.40 बजे। प्राइमरी कुतकपुर चनौरा। यहां बच्चों को तहरी दी गई। बच्चों ने बताया कि हमें दूध नहीं वितरित किया गया। शिक्षिका दुर्गेश अजवानी ने कहा प्रधानाध्यापक छुट्टी पर हैं। इसलिए दूध का वितरण नहीं कराया।

- समय सुबह 11.00 बजे। प्राइमरी विद्यालय पान सहाय। बच्चों ने बताया कि न एमडीएम वितरण हुआ न दूध। घर पर खाना खाने गए थे। शिक्षिका रेखा ने बताया कि एनजीओ ने एमडीएम नहीं भेजा। दूध वितरण के दिन एनजीओ एमडीएम नहीं भेजती है।

- समय सुबह 11.08 बजे। जूनियर विद्यालय पान सहाय। बच्चों ने बताया कि बुधवार और सोमवार को अक्सर एमडीएम नहीं आता है। जब कभी दूध आया है, वो हमें पसंद नहीं आता। शिक्षक प्रेमवीर सिंह ने बताया कि एमडीएम की शिकायत करते हैं सुनवाई नहीं होती है।

- समय दोपहर 12 बजे। प्राइमरी टापाखुर्द एवं जूनियर टापा खुर्द। यहां भी दूध का वितरण नहीं हुआ और फल भी नहीं बांटा गया। मध्याह्न अवकाश के बाद कुछ बच्चे घर पर चले गए थे। शिक्षिका अमिता चौहान ने बताया कि एनजीओ के भोजन सामग्री नहीं देने के कारण हमारे स्कूल में दूध और एमडीएम का वितरण नहीं हुआ।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बीएसए सच्चिदानंद यादव ने कहा कि सरकार की योजना का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। अगर एनजीओ एक भी दिन लापरवाही बरतती है तो उसे काली सूची में डाला जाएगा। वहीं, कोई शिक्षक लापरवाही बरतेगा तो उसे निलंबित किया जाएगा।
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